4 तब साऊल ह अपन हथियार ढोवइया ला कहिस, “अपन तलवार ला खींचके मोला भोंग दे, नइं तो ये खतनारहित मनखेमन आके मोर ठट्ठा करहीं।”
7 जब घाटी के तीर के अऊ यरदन नदी के ओ पार के इसरायलीमन देखिन कि इसरायली सेना ह भाग गे हवय अऊ साऊल अऊ ओकर बेटामन मर गे हवंय, त ओमन अपन-अपन नगर ला छोंड़के भाग गीन। अऊ पलिस्तीमन आके ओ नगरमन ला अपन अधिकार म ले लीन।
8 दूसर दिन, जब पलिस्तीमन मरे मनखेमन के माल ला लूटे बर आईन, त ओमन ला साऊल अऊ ओकर तीनों बेटामन के लास गिलबो पहाड़ म मिलिस। 9 ओमन साऊल के मुड़ ला काटिन, अऊ ओकर हथियार ला निकाल लीन, अऊ ओमन पलिस्तीमन के पूरा देस म संदेसियामन ला एकरसेति पठोईन कि ओमन के मूरतीमन के मंदिर अऊ ओमन के मनखेमन के बीच म जाके ये खबर सुनावंय। 10 ओमन साऊल के हथियार ला असतोरेत नांव के देवी के मंदिर म रखिन अऊ ओकर लास ला बेत-सान सहर के दीवार म ठोंक दीन।
11 जब याबेस-गिलाद सहर के मनखेमन सुनिन कि पलिस्तीमन साऊल के संग का करे हवंय, 12 त ओमन के जम्मो साहसी मनखेमन रातों-रात बेत-सान गीन। ओमन साऊल अऊ ओकर बेटामन के लास ला बेत-सान के दीवार ले खाल्हे उतारके याबेस म ले आईन, अऊ उहां जला दीन। 13 तब ओमन साऊल अऊ ओकर बेटामन के हाड़ामन ला लीन अऊ ओमन ला याबेस म एक ठन झाऊ के रूख के खाल्हे म गाड़ दीन, अऊ ओमन सात दिन तक उपास रखिन।
<- 1 समूएल 30
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