2 एकरसेति साऊल ह अपन तीन हजार चुने इसरायलीमन के संग दाऊद ला खोजे बर जीप के सुनसान जगह म गीस। 3 साऊल ह अपन डेरा हकीला नांव के पहाड़ी के रद्दा के तीर म डालिस, जऊन ह यसीमोन के सामने म रिहिस। पर दाऊद ह सुनसान जगह म रूके रिहिस। जब ओह ये जानिस कि साऊल ह ओकर पीछा करत उहां आ गे हवय, 4 त ओह भेदियामन ला पठोके ये जान लीस कि साऊल ह सही म आ गे हवय।
5 तब दाऊद ह निकलिस अऊ ओ जगह म गीस, जिहां साऊल ह डेरा डाले रिहिस। ओह ओ जगह ला देखिस, जिहां साऊल अऊ सेना के सेनापति, नेर के बेटा अबनेर पड़े रहंय। साऊल ह डेरा के भीतर लेटे रहय, अऊ सेना ह ओकर चारों कोति डेरा डाले रहय।
6 तब दाऊद ह हित्ती अहीमेलेक अऊ सरूयाह के बेटा, योआब के भाई, अबीसै ले पुछिस, “मोर संग कोन ह खाल्हे डेरा म साऊल करा जाही?”
7 त दाऊद अऊ अबीसै रथिया सेना करा गीन, अऊ का देखिन कि साऊल डेरा के भीतर सोवत हवय, ओकर बरछी ह ओकर मुड़ के लकठा म भुइयां म गड़े हवय। अबनेर अऊ सैनिकमन ओकर चारों कोति पड़े रहंय।
8 तब अबीसै ह दाऊद ला कहिस, “परमेसर ह आज तोर बईरी ला तोर हांथ म कर दे हवय। मोला कह, मेंह बरछी के एके वार म ओला भुइयां म बेध दूहूं; मोला ओकर ऊपर दूबारा वार करना नइं पड़ही।”
9 पर दाऊद ह अबीसै ला कहिस, “ओला नास झन कर! यहोवा के अभिसिक्त जन ऊपर हांथ उठाके कोन ह निरदोस हो सकथे?” 10 फेर दाऊद ह कहिस, “यहोवा के जिनगी के कसम, यहोवा ह ओला मारही, या ओकर समय आही अऊ ओह मर जाही, या ओह लड़ई म जाके नास हो जाही। 11 पर यहोवा ये झन करय कि मेंह यहोवा के अभिसिक्त जन ऊपर हांथ उठावंव। अब तें ओकर मुड़ के लकठा म रखे बरछी अऊ पानी के सुराही ला धर, अऊ आ हमन इहां ले चले जावन।”
12 तब दाऊद ह बरछी अऊ पानी के सुराही ला साऊल के मुड़ के लकठा ले लेय लीस, अऊ ओमन चल दीन। कोनो येला नइं देखिस या येकर बारे नइं जानिस, अऊ न ही कोनो जागिस। ओमन जम्मो झन सुतत रिहिन, काबरकि यहोवा ह ओमन ला भारी नींद म डार दे रिहिस।
13 तब दाऊद ह पार होके दूसर कोति गीस अऊ कुछू दूरिहा म पहाड़ी ऊपर जाके ठाढ़ हो गीस; अऊ ओमन के बीच म एक बड़े जगह रहय। 14 दाऊद ह ओ सेना ला अऊ नेर के बेटा अबनेर ला नरियाके कहिस, “हे अबनेर, का तेंह मोला जबाब देबे?”
15 दाऊद ह अबनेर ला कहिस, “तेंह एक आदमी अस, अस कि नइं? अऊ इसरायल म तोर सहीं कोन हवय? तेंह अपन मालिक, राजा के पहरेदारी काबर नइं करय? एक झन तोर मालिक, राजा ला नास करे बर आय रिहिस। 16 जऊन काम तें करे हस, ओह ठीक नो हय। यहोवा के जिनगी के कसम, तें अऊ तोर मनखेमन मारे जाय के लईक हव, काबरकि तुमन अपन मालिक, यहोवा के अभिसिक्त जन के पहरेदारी नइं करेव। अपन चारों कोति देख। राजा के ओ बरछी अऊ पानी के सुराही कहां हवय, जऊन ह ओकर मुड़ के लकठा म रिहिस?”
17 साऊल ह दाऊद के अवाज ला चिन डारिस अऊ कहिस, “हे मोर बेटा, दाऊद, का येह तोर अवाज अय?”
21 तब साऊल ह कहिस, “मेंह पाप करे हवंव। हे मोर बेटा दाऊद, वापिस आ जा। मेंह फेर तोर कुछू हानि करे के कोसिस नइं करंव, काबरकि तेंह आज मोर परान ला बहुंत अनमोल समझय। निस्चय ही, मेंह मुरूख सहीं काम करे हंव अऊ बहुंत गलत करे हंव।”
22 दाऊद ह जबाब देवत कहिस, “राजा के बरछी इहां हवय; तोर कोनो जवान इहां आवय अऊ येला ले जावय। 23 यहोवा ह हर एक ला ओकर धरमीपन अऊ बिसवासयोग्यता के ईनाम देथे। यहोवा ह आज तोला मोर हांथ म कर दे रिहिस, पर मेंह यहोवा के अभिसिक्त जन के ऊपर हांथ उठाना उचित नइं समझेंव। 24 जइसने कि मेंह आज तोर जिनगी ला मयारू जानेंव, वइसने ही यहोवा घलो मोर जिनगी ला मयारू जानय अऊ मोला जम्मो बिपत्ति ले बचावय।”
25 तब साऊल ह दाऊद ला कहिस, “हे मोर बेटा दाऊद, परमेसर ह तोला आसीस देवय; तेंह बड़े-बड़े काम करबे अऊ जरूर जय पाबे।”
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