1 तब समूएल ह एक कुप्पी म तेल लेके साऊल के मुड़ म रितोईस अऊ ओला चूमके कहिस, “का यहोवा ह अपन मनखे इसरायलीमन ऊपर परधान होय बर तोर अभिसेक नइं करे हवय? 2 आज जब तेंह मोर करा ले जाबे, त राहेल के कबर के लकठा म, बिनयामीन के देस के सीमना ऊपर सेलसह सहर म तोला दू झन मिलहीं अऊ ओमन तोला कहिहीं, ‘जऊन गदहामन ला तेंह खोजे बर गे रहय, ओमन मिल गे हवंय। अऊ अब तोर ददा ह गदहामन के चिंता छोंड़के तोर चिंता करत हवय। ओह पुछत हे, “मेंह अपन बेटा बर का करंव?” ’
3 “फेर उहां ले, तें आघू बढ़बे अऊ ताबोर के बड़े रूख करा हबरबे, तब तीन झन परमेसर के अराधना करे बर बेतेल सहर जावत उहां तोला मिलहीं। ओमा के एक झन ह तीन ठन छेरी-पीला, दूसर ह तीन ठन रोटी, अऊ तीसर ह चाम के बोतल म अंगूर के मंद धरे होही। 4 ओमन तोर कुसल-मंगल पुछे के बाद तोला दू ठन रोटी दीहीं, अऊ तेंह ओला ओमन करा ले स्वीकार करबे।
5 “ओकर बाद, तेंह परमेसर के गिबा म जाबे, जिहां पलिस्तीमन के एक चउकी हवय। अऊ जब तेंह उहां नगर म हबरबे, त तोला अगमजानीमन के एक दल ऊंचहा जगह ले उतरत मिलही, अऊ ओमन के आघू म सितार, डफली, बांसुरी अऊ बीना बजत होही; अऊ ओमन अगमबानी करत होहीं। 6 तब यहोवा के आतमा तोर ऊपर बल से उतरही, अऊ तेंह ओमन के संग अगमबानी करबे, अऊ तेंह बदलके एक अलग मनखे बन जाबे। 7 जब ये चिनहांमन पूरा हो जाहीं, तब तोला जऊन काम करे बर मिलथे, ओला कर, काबरकि परमेसर ह तोर संग हवय।
8 “तें मोर ले आघू गिलगाल नगर ला जा। मेंह होम-बलिदान अऊ मेल-बलिदान चघाय बर तोर करा खाल्हे जरूर आहूं, पर तें सात दिन तक मोर रसता देखत रहिबे, जब तक कि मेंह आके तोला नइं बतावंव कि तोला का करना हे।”
12 उहां के रहइया एक मनखे ह जबाब दीस, “अऊ कोन ह ओमन के ददा अय?” एकरसेति येह एक अनमोल बानी बन गीस, “का साऊल घलो अगमजानीमन म ले एक झन अय?” 13 साऊल ह अगमबानी करे के बाद, ऊंचहा जगह म चल दीस।
14 तब साऊल के कका ह ओकर अऊ ओकर सेवक ले पुछिस, “तुमन कहां चले गे रहेव?”
15 साऊल के कका ह कहिस, “मोला बता कि समूएल ह तोला का कहिस।”
16 साऊल ह अपन कका ले कहिस, “ओह हमन ला बिसवास देवाके कहिस कि गदहामन मिल गे हवंय।” पर समूएल ह ओकर राजा बने के बारे म जऊन बात कहे रिहिस, ओह ओ बात अपन कका ला नइं बताईस।
17 तब समूएल ह इसरायल के मनखेमन ला मिसपा म यहोवा करा बलाईस 18 अऊ ओमन ला कहिस, “यहोवा, इसरायल के परमेसर ह अइसने कहत हे: ‘मेंह इसरायल ला मिसर देस ले निकाल लानेंव, अऊ मेंह तुमन ला मिसर के हांथ ले, अऊ ओ जम्मो राजमन के हांथ ले छोंड़ांय, जऊन मन तुम्हर ऊपर अतियाचार करत रिहिन।’ 19 पर तुमन अब अपन परमेसर ला तियाग दे हवव, जऊन ह तुमन ला तुम्हर जम्मो बिपत्ति अऊ संकट म बचाथे। अऊ तुमन कहे हवव, ‘हमर ऊपर एक राजा ठहिरा दे।’ एकरसेति, अब तुमन अपन-अपन गोत्र अऊ कुल के मुताबिक यहोवा के आघू म ठाढ़ हो जावव।”
20 जब समूएल ह जम्मो इसरायल ला गोत्रमन के मुताबिक आघू म ले आईस, त बिनयामीन के गोत्र म चिट्ठी निकलिस। 21 तब ओह बिनयामीन के गोत्र ला कुल-कुल करके आघू म लानिस, अऊ चिट्ठी ह मतरी के कुल म निकलिस। आखिर म चिट्ठी ह कीस के बेटा साऊल के नांव म निकलिस। पर जब ओमन ओला खोजिन, त ओह नइं मिलिस। 22 एकरसेति ओमन फेर यहोवा ले पुछिन, “का ओ मनखे ह इहां आ गे हवय?”
23 तब ओमन दऊड़के गीन अऊ ओला बाहिर निकालिन, अऊ जब ओह मनखेमन के बीच म ठाढ़ होईस, त ओह अतेक ऊंचहा रिहिस कि आने जम्मो मनखेमन ओकर कंधा तक आवत रिहिन। 24 समूएल ह जम्मो मनखेमन ला कहिस, “का तुमन यहोवा के चुने मनखे ला देखत हव? जम्मो मनखे म ओकर सहीं अऊ कोनो नइं एं?”
25 तब समूएल ह मनखेमन ला राजपद के अधिकार अऊ काममन के बारे म बताईस। ओह ओमन ला एक ठन चामपट्टी म लिखके यहोवा के आघू म रख दीस। तब समूएल ह जम्मो मनखेमन ला अपन-अपन घर जाय बर बिदा करिस।
26 साऊल घलो अपन घर गिबा ला चल दीस, अऊ ओकर संग साहसी मनखेमन के एक दल घलो गीस, जेमन के मन ला परमेसर ह उभारे रिहिस। 27 पर कुछू दुस्ट मनखेमन कहिन, “ये मनखे ह हमन ला कइसे बचाही?” ओमन ओला तुछ जानिन अऊ ओकर करा भेंट नइं लानिन। पर साऊल ह चुपेचाप रिहिस।
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