7 जम्मो चीजमन के अन्त जल्दी होवइया हवय। एकरसेति, साफ मन अऊ संयमी होवव, ताकि तुमन पराथना कर सकव। 8 जम्मो ले बड़े बात ये अय कि एक-दूसर ला बहुंते मया करव, काबरकि मया ह बहुंते पापमन ला तोप देथे। 9 बिगर कुड़कुड़ाय एक-दूसर के पहुनई करव। 10 हर एक झन आने मन के सेवा करे बर, जऊन आतमिक बरदान पाय हवय, ओकर उपयोग ओह बिसवासयोग्य सेवक के रूप म परमेसर के अनुग्रह म रहत अनेक किसम ले करय। 11 कहूं कोनो गोठियावय, त अइसने गोठियावय मानो परमेसर के बचन ओकर मुहूं ले निकलथे। कहूं कोनो सेवा करय, त ओह ओ ताकत ले करय, जऊन ला परमेसर देथे, ताकि जम्मो बात म, यीसू मसीह के दुवारा परमेसर के परसंसा हो सकय। महिमा अऊ सामर्थ जुग-जुग ओकर होवय। आमीन।
19 एकरसेति, जऊन मन परमेसर के ईछा के मुताबिक दुख उठाथें, ओमन अपनआप ला अपन बिसवासयोग्य सिरिस्टी करइया परमेसर के हांथ म सऊंप देवंय, अऊ बने काम करे म लगे रहंय।
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