3 जऊन मन मोला परखत हवंय, ओमन बर मोर ये जबाब अय। 4 का हमन ला खाय-पीये के अधिकार नइं ए? 5 का हमन ला ये अधिकार नइं ए कि कोनो बिसवासी बहिनी ले बिहाव करके, ओला अपन संग यातरा म लेके चलन, जइसने कि आने प्रेरित अऊ परभू के भाईमन अऊ कैफा[a] करत हवंय? 6 या फेर सिरिप मोर अऊ बरनबास बर ये जरूरी अय कि हमन अपन भरन-पोसन बर काम करन?
7 कोन ह अपन खुद के खरचा ले सेना म सैनिक के काम करथे? कोन ह अंगूर के बारी लगाथे अऊ ओकर अंगूर ला नइं खावय? कोन ह पसुमन के झुंड के देखरेख करथे अऊ ओमन के दूध नइं पीयय? 8 का मेंह ये बात सिरिप मनखे के सोच के मुताबिक कहथंव? का मूसा के कानून घलो एहीच बात नइं कहय? 9 काबरकि मूसा के कानून म ये लिखे हवय: “दंवरी म चलत बईला के मुहूं ला झन बांधव।”[b] का येह बईला ए, जेकर बारे म परमेसर ह फिकर करथे? 10 का ओह हमर बारे म नइं कहत हवय? निस्चित रूप ले, येह हमर बर लिखे गे हवय, काबरकि नांगर जोतइया अऊ दंवरी चलइयामन ला, ये आसा म अपन काम ला करना चाही कि ओमन ला फसल के बांटा मिलही। 11 यदि हमन तुम्हर बीच म आतमिक बीज बोय हवन, अऊ तुम्हर ले संसारिक मदद लेथन, त का येह जादाती ए? 12 यदि आने मन तुम्हर ले ये मदद लेय के अधिकार रखथें, त का हमर अऊ घलो जादा हक नइं बनय?
15 पर मेंह येमा ले कोनो भी अधिकार के उपयोग नइं करेंव। अऊ मोर लिखे के ये मतलब नो हय कि तुमन मोर बर अइसने करव। काबरकि मेंह मर जाना पसंद करहूं, एकर बनिस्पत कि कोनो मोर ये घमंड ला बेकार समझय। 16 तभो ले जब मेंह सुघर संदेस के परचार करथंव, त येह मोर बर कुछू घमंड के बात नो हय, काबरकि परचार करे बर, मेंह बाध्य अंव। यदि मेंह सुघर संदेस के परचार नइं करंव, त मोर ऊपर धिक्कार ए। 17 यदि मेंह अपन ईछा ले परचार करथंव, त मोर बर एक ईनाम रखे हवय; पर यदि मेंह अपन ईछा ले येला नइं करंव, त मेंह सिरिप ओ जिम्मेदारी ला पूरा करत हंव, जऊन ला परभू ह मोला सऊंपे हवय। 18 तब का ए मोर ईनाम? सिरिप ये कि मेंह सुघर संदेस के परचार मुफत म करंव, अऊ एकर परचार करे म अपन अधिकार के उपयोग नइं करंव।
24 का तुमन नइं जानव कि दऊड़ म जम्मो झन दऊड़थें, पर सिरिप एके झन ला ईनाम मिलथे? एकरसेति अइसने दऊड़व कि तुमन ला ईनाम मिलय। 25 हर खिलाड़ी ह सीखे के समय म अपनआप ला बहुंत अनुसासन म रखथे। ओमन एक नासमान मुकुट ला पाय बर, अइसने करथें, पर हमन तो ओ मुकुट ला पाय बर काम करथन, जऊन ह सदाकाल तक रहिही। 26 एकरसेति, मेंह ओ मनखे सहीं नइं दऊड़ंव, जऊन ह बिगर कोनो उदेस्य के दऊड़थे; मेंह ओ मनखे सहीं नइं लड़ंव, जऊन ह हवा म मुक्का मारथे। 27 पर मेंह अपन देहें ला तकलीफ देथंव अऊ येला अपन बस म रखथंव, ताकि आने मन ला परचार करे के बाद, मेंह खुद ईनाम ले बंचित झन होवंव।
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