8 पर मेंह अबिवाहित[a] अऊ बिधवामन ला ये कहथंव कि येह ओमन बर बने अय कि ओमन मोर सहीं अबिवाहित रहंय। 9 पर कहूं ओमन अपनआप ला संभाल नइं सकंय, त ओमन ला बिहाव कर लेना चाही, काबरकि कामातुर रहे के बदले बिहाव कर लेना उचित ए।
10 सादी-सुदा मनखेमन ला मेंह ये हुकूम देवत हंव (मेंह नइं, पर परभू ह हुकूम देवत हवय): घरवाली ह अपन घरवाला ला झन छोंड़य। 11 पर यदि ओह अपन घरवाला ला छोंड़ देथे, त ओह दूसर बिहाव झन करय या फेर ओह अपन घरवाला ले फेर मेल-मिलाप कर ले। अऊ घरवाला ह अपन घरवाली ला झन छोंड़य।
12 बाकि मनखेमन ला परभू ह नइं, पर मेंह कहथंव कि यदि कोनो भाई के घरवाली ह परभू ऊपर बिसवास नइं करय, पर ओह ओ भाई के संग रहे चाहथे, त ओ भाई ह ओला झन छोंड़य। 13 अऊ यदि कोनो माईलोगन के घरवाला ह परभू ऊपर बिसवास नइं करय, पर ओह ओ माईलोगन के संग रहे चाहथे, त ओ माईलोगन ह ओला झन छोंड़य। 14 काबरकि जऊन घरवाला ह परभू के ऊपर बिसवास नइं करय, ओह अपन बिसवासी घरवाली के जरिये पबितर हो जाथे, अऊ जऊन घरवाली ह परभू ऊपर बिसवास नइं करय, ओह अपन बिसवासी घरवाला के जरिये पबितर हो जाथे। नइं तो तुम्हर लइकामन असुध होतिन, पर अब ओमन पबितर हवंय।
15 पर जऊन मनखे ह परभू के ऊपर बिसवास नइं करय, यदि ओह छोंड़के चल देथे, त ओला जावन दव। अइसने दसा म बिसवासी भाई या बहिनी ऊपर कोनो बंधन नइं ए। परमेसर ह हमन ला सांति से रहे बर बलाय हवय। 16 हे घरवाली, तेंह कइसे जानत हस कि तेंह अपन घरवाला के उद्धार करा लेबे? या हे घरवाला, तेंह कइसे जानत हस कि तेंह अपन घरवाली के उद्धार करा लेबे?
17 हर एक मनखे ह जिनगी म वइसने ही चलय, जइसने परभू ह ओला दे हवय अऊ जइसे कि परमेसर ह ओला बलाय हवय। एहीच नियम ला मेंह जम्मो कलीसिया म बताथंव। 18 परमेसर के बलाय के पहिली जेकर खतना हो गे रिहिस, ओह खतनारहित झन बनय; अऊ परमेसर के बलाय के पहिली जेकर खतना नइं होय रिहिस, ओह खतना झन करावय। 19 न तो खतना ह कुछू अय अऊ न ही खतनारहित; पर परमेसर के हुकूम ला मानना ही जम्मो कुछू अय। 20 हर एक मनखे ला ओहीच दसा म रहना चाही, जऊन दसा म, ओह परमेसर के बलाय के बेरा म रिहिस।
21 यदि तेंह गुलाम रहय, जब परमेसर ह तोला बलाईस, त एकर फिकर झन कर। पर यदि तेंह गुलामी ले छुटकारा पा सकथस, त ओकर उपाय कर। 22 काबरकि जऊन ला परभू ह ओकर गुलामी के दसा म बलाईस, ओह परभू के दुवारा सुतंतर करे गे मनखे अय। ओहीच किसम ले जऊन ला सुतंतर दसा म बलाय गीस, ओह मसीह के गुलाम ए। 23 दाम देके तुमन ला बिसाय गे हवय; मनखेमन के गुलाम झन बनव। 24 हे भाईमन हो, हर एक मनखे परमेसर के संग ओ दसा म रहय, जऊन दसा म ओला बलाय गे रिहिस।
29 हे भाईमन हो, मोर कहे के मतलब ये अय कि जादा समय नइं ए। एकरसेति अब ले, जऊन मन सादी-सुदा अंय, ओमन अइसने रहंय जइसने कि ओमन के बिहाव नइं होय रिहिस। 30 जऊन मन दुख मनाथें; ओमन अइसने रहंय, जइसने ओमन ला कोनो दुख नइं रिहिस। जऊन मन खुस हवंय, ओमन अइसने रहंय जइसने ओमन खुस नइं रिहिन। जऊन मन कुछू बिसाथें, ओमन अइसने देखावंय जइसने कि ओ सामान ह ओमन के नो हय। 31 जऊन मन संसार के चीजमन के उपयोग करथें, ओमन अइसने रहंय जइसने कि ओमन ये चीजमन म मगन नइं रिहिन। काबरकि ये संसार के अभी जऊन दसा हवय, ओह बदलत जावत हवय।
32 में चाहथंव कि तुमन कोनो किसम के चिंता झन करव। जेकर बिहाव नइं होय हवय, ओह परभू के काम के फिकर म रहिथे कि ओह परभू ला कइसने खुस करय। 33 पर एक सादी-सुदा मनखे, ये संसार के काम के फिकर म रहिथे कि ओह अपन घरवाली ला कइसने खुस रखय, 34 अऊ ओकर मन ह एती-ओती होवत रहिथे। जऊन माईलोगन के बिहाव नइं होय हवय, ओह या एक कुंवारी ह परभू के काम के फिकर म रहिथे। ओकर उदेस्य ये रहिथे कि ओह अपन देहें अऊ आतमा दूनों के दुवारा परभू के सेवा म लगे रहय। पर सादी-सुदा माईलोगन ह ये संसार के काम के फिकर म रहिथे कि ओह अपन घरवाला ला कइसने खुस रखय। 35 मेंह ये बात तुम्हर भलई खातिर कहथंव, तुमन म बंधना डाले बर नइं। मेंह चाहथंव कि तुमन सही अऊ बने काम करव अऊ अपन हिरदय ला बिगर एती-ओती लगाय, पूरा अपनआप ला परभू के सेवा म दे दव।
36 यदि काकरो मंगनी हो गे हवय अऊ ओकर हाव-भाव ह ओ कुंवारी छोकरी के प्रति उचित नइं ए, अऊ यदि ओ छोकरी के जवानी ह ढरत जावथे अऊ ओ मनखे ह महसूस करथे कि ओला बिहाव कर लेना चाही, त ओला अइसनेच करना चाही। येह पाप नो हय। ओमन ला बिहाव कर लेना चाही। 37 पर ओ मनखे जऊन ह अपन मन म अटल बिचार कर ले हवय, अऊ ओला जरूरत नइं ए, अऊ ओह अपन ईछा ला काबू म रखथे, अऊ ओह अपन मन म ठान ले हवय कि ओह लड़की ले अभी बिहाव नइं करय, त ये मनखे घलो सही काम करथे। 38 एकरसेति, जऊन ह लड़की ले बिहाव करथे, ओह बने करथे, पर जऊन ह लड़की ले बिहाव नइं करय, ओह अऊ घलो बने करथे।
39 जब तक कोनो माईलोगन के घरवाला ह जीयत हवय, तब तक ओह ओकर ले बंधे हवय। पर यदि ओकर घरवाला ह मर जावय, त ओह जेकर ले चाहय, ओकर ले बिहाव करे बर सुतंतर ए, पर ओह परभू के ही मनखे होना चाही। 40 मोर बिचार म, ओह जादा खुस रहिही, यदि ओह जइसने हवय वइसनेच रहय, अऊ में सोचथंव कि परमेसर के आतमा ह मोर म घलो हवय।
<- 1 कुरिन्थुस 61 कुरिन्थुस 8 ->- a या जेकर घरवाली के मिरतू हो गे हवय
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