3 एकरे कारन जऊन बात मोला मिलिस, ओला सबले जादा महत्व के बात समझके, मेंह तुमन ला सऊंप देंव, अऊ ओह ये अय—परमेसर के बचन के मुताबिक मसीह ह हमर पाप खातिर मरिस 4 अऊ गाड़े गीस, अऊ परमेसर के बचन के मुताबिक, ओह तीसरा दिन जी उठिस, 5 अऊ ओह कैफा ला दिखाई दीस अऊ तब ओह बारहों चेलामन करा परगट होईस। 6 ओकर बाद, ओह पांच सौ ले जादा भाईमन ला एक संग दिखाई दीस, जऊन म ले कतको झन अभी घलो जीयत हवंय, पर कुछू झन मर चुके हवंय। 7 तब ओह याकूब ला दिखाई दीस, अऊ तब जम्मो प्रेरितमन ला दिखिस 8 अऊ सबले आखिरी म ओह मोला घलो दिखाई दीस, जइसने कि मेंह असामान्य रूप म जनमे हवंव।
9 मेंह प्रेरितमन म सबले छोटे अंव, अऊ प्रेरित कहाय के लईक घलो नो हंव, काबरकि मेंह परमेसर के कलीसिया ला दुख दे हवंव। 10 पर मेंह जऊन कुछू घलो अंव, परमेसर के अनुग्रह के कारन से अंव, अऊ ओकर अनुग्रह मोर म बेकार नइं गीस। एकर उल्टा, मेंह ओ जम्मो झन ले जादा मेहनत करेंव, पर येह मोर खुद के ताकत ले नइं, पर परमेसर के अनुग्रह ले होईस, जऊन ह मोला दिये गे रिहिस। 11 तब, चाहे येह मेंह अंव या ओमन, ओहीच बात के हमन परचार करथन अऊ ओहीच बात म तुमन बिसवास करे हवव।
20 पर येह सच बात अय कि मसीह ह मरे म ले जी उठिस, अऊ ओह ओमन म पहिला फर ए, जऊन मन मर गे हवंय। 21 जइसने मिरतू ह एक मनखे के दुवारा आईस, वइसनेच मरे मनखेमन के जी उठई ह घलो एक मनखे के दुवारा आईस। 22 जइसने आदम म जम्मो मनखे मरथें, वइसनेच मसीह म जम्मो झन जियाय जाहीं। 23 पर हर एक झन अपन-अपन पारी म जियाय जाही; मसीह जऊन ह पहिली जियाय गीस, जब ओह वापिस आही, त ओमन जियाय जाहीं, जऊन मन मसीह के अंय। 24 अऊ जब मसीह ह सैतान के जम्मो राज, अधिकार अऊ सक्ति ला नास कर चुकही, त ओह ओ राज ला परमेसर ददा के हांथ म सऊंप दीही, तब संसार के अन्त हो जाही। 25 काबरकि जब तक परमेसर ह जम्मो बईरीमन ला ओकर गोड़ खाल्हे नइं कर दीही, तब तक मसीह के राज करना जरूरी ए। 26 सबले आखिरी बईरी, जऊन ला नास करे जाही, ओह मिरतू ए। 27 परमेसर के बचन ह कहिथे, “परमेसर ह हर एक चीज ला ओकर गोड़ खाल्हे कर दीस।”[a] हर एक चीज ला ओकर अधीन करे गीस, एकर मतलब ह साफ ए कि ये “हर एक चीज” म परमेसर खुद नइं गने जावय, जऊन ह जम्मो चीज ला मसीह के अधीन करिस। 28 जब परमेसर ह ये जम्मो कर चुकही, तब बेटा ह खुदे परमेसर के अधीन हो जाही, जऊन ह कि जम्मो चीज ला बेटा के अधीन करिस, ताकि परमेसर ह जम्मो चीज के ऊपर होवय।
29 यदि मरे मनखेमन नइं जी उठंय, तब ओमन का करहीं, जऊन मन मरे मनखे खातिर बतिसमा लेथें? यदि मरे मनखेमन बिलकुल ही नइं जियाय जावंय, तब मनखेमन काबर ओमन बर बतिसमा लेथें। 30 अऊ हमन काबर हर समय अपनआप ला जोखिम म डारथन? 31 मेंह हर दिन मिरतू के सामना करथंव—हे भाईमन हो, मेंह दावा के संग कह सकथंव कि तुमन हमर परभू मसीह यीसू म मोर घमंड अव। 32 यदि सिरिप मनखे के सोच के कारन, मेंह इफिसुस नगर म जंगली पसुमन ले लड़ेंव, त फेर मोला का फायदा होईस? यदि मरे मन नइं जियाय जावंय,
42 अइसनेच मरे म ले जी उठइयामन के संग होही। जऊन देहें ला बोय जाथे, ओह नासमान ए, पर येह अबिनासी दसा म जी उठथे। 43 येह अनादर म बोय जाथे, पर येह महिमा के संग जी उठही। येह दुरबलता म बोय जाथे, पर येह सामर्थ के संग जी उठही। 44 येह सारीरिक देहें के रूप म बोय जाथे, पर येह एक आतमिक देहें के रूप म जी उठही।
50 हे भाईमन हो, मेंह तुमन ला ये बात बतावत हंव; जऊन ह मांस अऊ लहू के बने हवय, ओह परमेसर के राज के भागी नइं हो सकय, अऊ न ही नासमान ह अमरता ला पा सकथे। 51 सुनव, मेंह तुमन ला एक भेद के बात बतावत हंव: हमन जम्मो झन नइं मरन, पर हमन जम्मो झन बदल जाबो, 52 अऊ येह एक पल म, पलक झपकत, आखिरी तुरही फूंकते ही हो जाही। काबरकि जब तुरही ह फूंके जाही, त मरे मनखेमन अबिनासी रूप म जी उठहीं अऊ हमन बदल जाबो। 53 काबरकि ये जरूरी अय कि ये नासमान सुभाव ह अबिनासी सुभाव ला पहिर ले अऊ ये मरनहार सुभाव ह अमरता ला पहिर ले। 54 जब नासमान ह अबिनासी ला अऊ मरनहार ह अमरता ला पहिर लीही, तब परमेसर के बचन म लिखे ये बात ह सही होही: “मिरतू ला नास करे गीस, अऊ जीत ह पूरा होईस।”[c]
58 एकरसेति, हे मोर मयारू भाईमन हो, मजबूत अऊ अटल रहव। परभू के काम बर अपनआप ला हमेसा पूरा दे दव, काबरकि तुमन जानथव कि जऊन मेहनत तुमन परभू बर करथव, ओह बेकार नइं होवय।
<- 1 कुरिन्थुस 141 कुरिन्थुस 16 ->
Languages