6 काहेकि तब हम कमजोर हुन[a] ही हता, ते मसी अच्छी बखत पर भक्तिहीन का लाने मरो। 7 कुई भी न्यायीपन व्यक्ति का लाने कुई मरे, यी ते दुर्लभ हैं; पर हो सक हैं कुई अच्छो अदमी का लाने कुई मरनो को भी हिम्मत करिये। 8 पर परमेस्वर न हम पर अपनो प्रेम कि भलाई यी रीति से प्रगट करिये हैं कि पर जब हम पापी ही हता जब यीसु मसी हमारो लाने मरो असो कर ख परमेस्वर अपनो प्रेम प्ररगट कियो। 9 पर जब कि हम अब ओखा खून[b] का कारन धार्मिक रहयो, ते ओखा व्दारा परमेस्वर को घुस्सा से काहे नी बचे हे? 10 हम दुसमन ही हतो, जब परमेस्वर को संग हमारो मिलनो ओको पोरिया कि माऊत मो माध्यम हो गयो हतो; अर परमेस्वर को संग मेल हो जान को बाद ओको पोरिया ख जिन्दगी माध्यम निस्चय ही हमारो उध्दार होऐ? 11 अऊर इत्तो ही नी, अब ते हमारो प्रभु यीसु मसी को अर से परमेस्वर से हमारो मेल हो गयो एकोलाने हम ओ से परमेस्वर पर विस्वास रख ख गर्व करह हैं।
14 अऊर तेबी आदम से मूसा तक माऊत उन लोग हुन पर भी राज कर हतो, जे न उ आदम को, जसो कोई कहना ख नी मान हतो अर्थात पाप नी कियो आदम उ इंसान को रूप आय जे आन वालो हैं। 15 पर अपराध वरदान को जसो नी, एक इंसान को अपराध को करन अनको कि माऊत हुई परमेस्वर को अनुग्रह सच्चो एक इंसान मसी यीसु को दया हम दियो हुओ वरदान अनेक हुन म स्थापित होगा। 16 जसो एक इंसान पाप अर परमेस्वर ख छुटकारे को वरदान कि तुलना नी हैं एक को पाप को कारन से सजा कि कहना ही दियो गयो पर पाप, को बाद छुटकारा को वरदान दियो गयो जे से न्याय मिले गयो। 17 काहेकि जब एक व्यक्ति को अपराध ख करन एक ही इंसान को माध्दयम राज को सासन होऐ, ते ऐ से कही जादा फैलो हुओ किरपा अर धर्म को उ वरदान जे उनको जीवन म ओ पर एक इंसान यीसु मसी को माध्यम सासन करे।
18 एकोलाने जसो एक अपराध सब अदमी हुन का लाने सजा कि आग्या को कारन भयो, वसो ही एक धर्म को काम भी सब अदमी हुन को लाने जिन्दगी को पाप मुक्ति न्याय अर जीवन मिलो। 19 काहेकि जसो एक व्यक्ति ख आग्या न मानना से बेजा व्यक्ति पापी ठहरगो, वसो ही एक व्यक्ति को आग्या मानन से बेजा व्यक्ति हुन धर्मी ठहरे।
20 नेम बीच म आ गई कि पाप बेजा हो गयो, पर जहाँ अपराध बेजा भयो वहाँ दया ओ ख भी कही बेजा भयो 21 यूईच प्रकार पाप माऊत को माध्यम से, राज कर रयो; पर हमारो प्रभु यीसु मसी दुवारा दया, धर्म को माध्यम से अपनो राज्य स्थापित करे अर हम अनन्त जिन्दगी म ले जाहे।
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