1 ऐको लाने आओ मसी कि सिक्छा को सुरू कि बात ख छोड़ ख हम सिध्द बन कर आगे की ओर बड़ते जाए, अर मरीया वाला काम हुन से मन फिराव न, अर परमेस्वर पर भरोसा करे, 2 अर बपतिस्मा को अर हात रखन की विधि, अर मरिया वाला हुन को जिन्दो होनू, अर आखरी न्याव कि ग्यान रुपी नीव फिर से नी डाले। 3 अदि परमेस्वर की याहा हुकुम हैं ते हम असो ही करेगों।
4 याहा उन अदमी हुन को लाने असंभव हैं ज्योति को प्रात हो गयो हैं। जिन न स्वर्गीय उपहार को स्वाद चखो हैं अऊर जे सुध्द आत्मा सह भागी हुया हैं। 5 जिन न परमेस्वर अर जीन ख परमेस्वर को उत्तम वचन को अर आवन वाली दुनिया की सक्ति को सवाद चख चुक्यो हैं, 6 अदि वी भटक जाए ते उन ख मन फिरान को लाने फिर नयो बननो उन ख बड़ो मूसकिल हैं, वी अपनो नुकसान को लाने वी हर बार परमेस्वर को पोरिया ख क्रूस पर चढ़ा रहया हैं। अऊर उन ख सब अदमी हुन को सामे अपमान कर रहया हैं।
7 काहे कि जे जमीन पर बरखा को पानी ख जे ओ पा बार-बार गीरा हैं, पी पी ख सोख लेवा हैं अर वा अदमी हुन को लाने काम की फसल उगावा हैं, जे ओपर खेती करा हैं, ते वा परमेस्वर कि तरफ से आसीर्वाद पावा हैं। 8 पर अदि वी झाड़ी अर दंग धतुरा उगावा हैं ते वा बेकार हैं अर ओपर सराप पड़न को डर हैं, आखीर म ओ ख जलाय देहे।
9 अरे प्यारो भई-बंद हुन चाहे हम असो तरीका से बोला हैं पर तुमरो बारे म ऐसे भी अच्छी बात को भरोसा हैं जे बात उ उध्दार को बारे म हैं। 10 तुमना परमेस्वर ख जन हुन कि हमेसा मददत करते हुए जे प्रेम दिखायो हैं, ओ ख अर तुमरा दुसरा काम हुन क परमेस्वर कभी नी भुलन को। उ अन्याय करन वालो नी आय। 11 पर हम बेजा चाहव हैं कि तुम म से हर कोई जिन्दगी भर असो ही कड़ी मेहनत करते रैय अदि तुम आसा की खुसी को लाने करा हैं ते हकिगत म ओखा पा लेहे जेकी तुम आस करा हैं। 12 हम यू नी चाहव आय कि तुम आलसी हो जाय। बल्कि तुम उनको जसो चलो जे भरोसा अर धीरज को संग म वी चीज ख पा रया हैं जेको परमेस्वर न वादा दियो रहा।
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