1 हे मालिक हुन, अपना अपना नउकर हुन को संग न्याय अर चोक्खो चाल चलन रखो, यू समझ ख कि स्वर्ग म तुम्हारो भी एक मालिक हैं।
5 मऊका को बेजा किमती समझ ख बाहार वाला हुन को संग बुध्दिमानी से व्यवहार करो। 6 तुम्हारो वचन हमेसा दया सहित अर सलोना हो कि तुम ख हर कोई अदमी ख बेजा बडिया रीति से उत्तर देनो आ जानो चाहिए।
10 अरिस्तर्खुस, जे मोरो संग कैदी हैं, अऊर बरनबास को भांजा मरकुस तुम लोगो ख नमस्कार कहव हैं। मरकुस को बारे म तुम ख आदेस मिल चुक्यो हैं। अदि वाहा तुम लोगो ख याहा आये, ते उनको स्वागत करे। 11 अर यीसु जो यूस्तुस कहलावा हैं, तुम ख नमस्कार कहव हैं। खतना कियो वाला हुन अदमी म से वीच ही को परमेस्वर को राज्य को लाने मोरो संगी[f] अर मोरी सान्ति को कारन रह हैं।
12 इपफ्रास, जे तुम म से हैं अर मसी यीसु को दास हैं, तुम ख नमस्कार कह हैं, अर हमेसा तुमरो लाने प्रार्थना म प्रयत्न करह हैं, तेकी तुम सिध्द हो ख पुरो भरोसा को संग परमेस्वर की इच्छा पर खडा रहो। 13 मी ओको गवाह हूँ की वी तुमरो लाने अर लउदीकिया अर हियरापुलिसवालो को लाने बडो मेहनत करते रह हैं। 14 प्यारो वैघ लूका अर देमास को तुम ख नमस्ते।
15 लउदीकिया को भई ख, अर नुमफास अर उन को घर की कलीसिया ख नमस्ते कहनू। 16 जब या चिठ्टी तुमरो याहा पड़ लियो जाहे ते असो करनु की लउदीकिया की कलीसिया म भी पढो जाहे। अर वा चिठ्टी जे लउदीकिया से आहे ओ ख तुम भी पडनू। 17 अर अरखिप्पुस से कहजो कि जे सेवा प्रभु म तुम ख सोपी गई, ओ ख सावधानी को संग पूरो करनो।
18 मी खुद पोलुस को अपनो हात से लिखो हुओ नमस्ते। मोरी बन्धन ख स्मरण रखनू।
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