9 यी बारा भई हुन न जलन रखन को वजे से उनको भई यूसुफ ख मिसर देस म जान वाला को हात बेच दियो, फिर भी परमेस्वर ओको संग म हतो रहा। 10 परमेस्वर न ओ ख सब बिपत्ती हुन से छुड़ायो, अर ओखा मिसर देस को राजा फिरोन की नजर म दया अर ग्यानवान बना दियो। फिरोन न यूसुफ ख मिस्र को अर अपनो पुरो राजभवन को अधिकारी ठहराय दियो। 11 उ बखत पुरो मिसर अर कनान देस म अकाल अऊर घोर संकट पड़यो। येको वजेसे हमरा बाप-दादा हुन ख अन्न नी मिलत रहा। 12 जब याकूब न यू सुन ख कि मिसर देस म अनाज मिला हैं, ते ओ ना हमरा सियाना हुन ख उते पेहली बार भेज्यो। 13 दुसरी बार मिलन को मऊका पर यूसुफ न अपना भई हुन ख अपनो बारे म बतायो अर फिरोन ख यूसुफ की जात अर कुल को पता चल्यो। 14 ओको बाद यूसुफ न अपनो बाप याकूब अर ओको पुरो परिवार ख बुलावा भेज्यो। सबरा मिलायो ख वी पचहत्तर इंसान हता। 15 याकूब मिसर देस ख गयो। उते ओको अर हमरा बाप-दादा हुन की भी माऊत हो गई। 16 बाद म उनकी लास सकेम सहर लाया अर उ समसान घाट म रखिया, जेखा अब्राहम न सकेम म हमोर को पोरिया हुन से चाँदी दे ख खरिद्यो रहा।
17 “परमेस्वर न अब्राहम से जो वादा करयो रहा, जब ओको पुरो होन को बखत आयो, तब हमरा इंसान हुन की गिनती मिसर देस म बेजा सारी बढ़ गई। 18 कुछ दिन को बाद मिसर म एक असो राजा भयो, जो यूसुफ को बारे म कुछ नी जानत रहा। 19 ओ ना हमरी जात को संग कपटी मन से बर्ताव करयो, अर हमरा बाप-दादा हुन पा अत्याचार करयो। ओ ना हमारा बाप-दादा हुन ख इत्तो मजबुत करयो कि वी अपना छोटा-छोटा पोरिया-पारी ख बाहर फेक देनो चाहिए, जसो वी जिन्दा नी रह सकन का। 20 असो बखत म मूसा को जनम भयो। उ परमेस्वर को नजर म बेजा खुफसुरत हतो अऊर तीन महा लक ओखा अपनो बाप को घर म पालो-पोसो गयो। 21 ऐको बाद जब उ फेक दियो गयो, तब फिरोन की बेटी न ओखा पालक पोरिया बना लियो अर अपनो पोरिया को जसो ओ ना ओखा पालन-पोसन कियो। 22 मूसा ख मिसतिरी की पुरी बिध्या सिखई गई, अर उ वचन अर करम करनो दोई म बलसाली हतो।”
23 “जब उ चालीस बरस को भयो, ते ओको मन म आयो कि मी अपनो कुटुम्ब ख इस्राएली भई हुन से मेल-जोल करूँ। 24 उनमा से एक संग बुरो व्यवहार होते देख ख, मूसा न ओको पक्छ लियो अर मिसतिरी ख मार ख अत्याचार को पलटा लियो। 25 मूसा न सोचियो की ओखा भई हुन समझेगो कि परमेस्वर मूसा को हात से उनका मुक्ति करेगों, पर उनना असो नी समझियो। 26 दुसरो रोज मूसा न दो इस्राएली हुन ख झगड़ते देख्यो। ओ ना यू सोच ख उनमा मेल-जोल करन की सोचियो, अरे भई हुन! तुम तो भई-भई हैं। तुम काहेको लाने एक-दुसरा का हानि पहूँचा रया हैं? 27 जो व्यक्ति अपनो पड़ोसी की हानि करत रा, ओ ना मूसा ख एक बाजू ढकेल दियो अऊर बोल्यो, कोना तोखा हमारो मुखिया अर न्याय करन वालो ठहरायो हैं? 28 जो तरीका से तू न कल मिसतिरी ख मार ड़ाल्यो रहा मोखा भी मारन कि सोचा हैं का? 29 या बात सुन ख मूसा वहाँ से भागयो अर मिदयान देस म परदेसी बन ख रहन लग गयो, अर वहाँ ओखा दो पोरिया पैदा भया।”
30 चालीस बरस की ऊमर को बाद सीनै पहाड़ को भटा[a] म आगी से काटा झाड़ी जलते हुए दिखई दियो। 31 यू देख ख मूसा सोच म पड़ गयो, अऊर जब देखन को लाने जोने गयो, ते उनका प्रभु की या आवाज सुनाई दियो, 32 मी तोरो बाप-दादा को परमेस्वर आय अब्राहम, इसहाक तथा याकूब को परमेस्वर। मूसा डर को मारे काँपन लग गयो। अर ओखा फिर देखन कि हिम्मत नी भई। 33 फिर प्रभु न ओसे बोल्यो, अपनो पाय से जूता उतार ला, काहेकि जो जगह पर तू खड़ो हैं, वा सुध्द जमीन हैं। 34 मीना मिसर देस म रहन वाली मोरी जात पर हो रयो अत्याचार अच्छो से देख्यो अर उनको रोनो सुनियो हैं। एकोलाने उनका छुड़ान को लाने मी उतर आयो हैं अब तैयार हो जा! मी तोखा मिस्र देस भेजुगो।
35 “जो मूसा ख अदमी हुन न असो कहते हुए इंनकार करयो रहा कि कोना तोखा हमारो मुखिया[b] अर न्याय करन वालो ठहरायो हैं?” ओको ही परमेस्वर न झाड़ी म दर्सन देन वालो स्वर्ग दूत को दुवारा हक जतान वालो[c] अर छुड़ान वालो को रूप म उनको जोने भेज्यो। 36 उई मूसा न उनका बाहर हेड का लायो अर मिसर देस म लाल समुंदर को अर बियाबान परदेस म चालीस बरस लक अदभुत काम अर चिखान दिखात रहा। 37 यू उईच मूसा आय जेना इस्राएली हुन से बोल्यो रहा, परमेस्वर तुमरा भई हुन म से तुमरो लाने मोरो जसो एक भविस्यवक्ता खड़ो करे। 38 यू उईच मूसा आय, जोना बियाबान[d] परदेस की कलेसीया म उ स्वर्गदूत को संग हता, जेना सीनै पहाड़ पा उनसे बात करयो रहा। अऊर उ हमरा बाप-दादा को संग म भी हतो। उईच मूसा ख जीवित वचन मिल्या ताकि उ ओखा हम सब ख सुनाया। 39 पर हमरा बाप-दादा न ओकी बात ख मानन कि नी सोचियो। उनना मूसा ख छोड़ दियो अर वी मिसर देस ख लउटन की सोचत रहा। 40 उनना हारून से बोल्यो, हमरो लाने असो भगवान ख बना, जो हमरो अउवल-अउवल चले; काहेकि हम नी जानत आय कि उ मूसा को का भयो, जो हमका मिसर देस से हेड ख लायो रहा। 41 वी दिन म उनना बछड़ा की मुरती बनाई अर ओको सामने बलि चढ़ई अर अपनो हात से बनाई वाली मूर्ति को लाने एक तिहार मनायो। 42 तब परमेस्वर न उनसे मुड़ो फेर लियो अर ओ ना उनका आकास ख नकित्तर हुन को भक्ति करन को लाने छोड़ दियो, जसो की भविस्यवक्ता कि किताब म लिख्यो हैं:
44 “गवाई को तम्बू जंगल म हमारा बापदादा को बीच म हतो, जसो ओ ना ठहरायो जेना मूसा से येको बारे म कय्हो, जे आ ख तू न देखो हैं; ओको अनुसार ओखा बना।” 45 हमरा बाप दादा ओ ख हासिल कर ख तभी उते वहाँ आया रहा जब यहोसू को बखत म उन ना वी दुसरी जात हुन पा हक पायो जीन ख परमेस्वर न हमरा बाप दादा जोने निकाल ख बाहर कर दियो रहा। अर दाऊद को बखत तक असो ही रहा। 46 दाऊद न परमेस्वर की किरपा को आनन्द उठायो। ओ ना सोचियो की उ याकूब ख अदमी हुन को लाने एक रहन को जगा बना सके। 47 पर सुलैमान न ओको लाने मन्दिर बनायो।
48 पर परमप्रधान से रहन वालो परमेस्वर हात को बनायो घर म नी रहवा, जसो की भविस्यवक्ता न कय्हो,
51 “स्तिफतुस आगे बोलते ही रयो तुम अदमी हुन कित्ता ढीट हैं। तुमना हमेसा दी सुध्द आत्मा को विरोध करयो हैं। तुम अपना बादा दादा ख जसा ही हैं। 52 का कोई भी असो भविस्यवक्ता हतो, जेखा तुमरा बाप-दादा न नी सतायो? उनना तो उन ख मार भी डाल्यो जिनना बेजा पहिले से ही उ धर्मी को आन को बारे म बता दियो रहा, जेखा अब तुमना धोका दे ख पकड़वा दियो अर मरवा डाल्यो, 53 तुम विईच ही आय जिनना स्वर्गदूत हुन को जरिया दी वाली नेम को विधान हासिल तो कर लियो पर ओपर चल्या नी।”
57 तब उनना बड़ो आवाज से पुकार ख कान बंद कर लियो, अर एक संग ओ पर झपटियो; 58 वी ओ ख घीसते हुए सहर ले गया अर ओपर पत्थर चलान लग गया। तभी विस्वासी हुन न अपना कपड़ा उतार ख साऊल नाम को एक जवान को पाय को जोने रख दियो। 59 वी लोग स्तिफनुस पर पत्थर फेंकते रह, अर वी यू कह ख विनती करत रय्हो, “हे प्रभु यीसु, मोरी आत्मा का ग्रहण कर।” 60 फिर ओ न घुटना बल टिक ख ऊँचो सब्द से पुकारा, “हे प्रभु, यू पाप ख उन को विरुद म मत लगाजो।” अर यू इत्तो कह ख मर गयो।
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