5 पर यहूदी हुन घुस्सा से भर ख फालतु घुमन वाला कुछ पापी इंसान हुन ख अपनो संग म लियो, अर भीड़ जोड ख सहर म हल्ला मचान लगया अर यासोन को घर प चडाई कर ख उन ख इंसान हुन को सामने लानो चाहयो। 6 उनख याहा न देख ख वी यह चिल्लाते हुऐ यासोन अर कुछ भई हुन को नगर म हाकिमो को सामने खीच लायो, “वी इंसान जीन न दुनिया को उलट पलट कर रखयो हैं, यहाँ भी आ गया हैं। 7 यासोन न उन ख यहाँ उतरियो हैं। यी सारा का सारा यह बोलह हैं की यीसु राजा हैं, अर कैसर की बात को विरोध करह हैं। 8 उन न इंसान की अर नगर का हाकिम को यह बोल ख घबरा दियो। 9 ऐको लाने उन न यासोन अर बाकी इंसान से जमानत ले ख उन ख छोड दियो।”
19 जब वी अपना संग अरियुपगुस क सामे सहरी सभा म गयो अर पुछो, “का हम जान ख हैं की यह नयो बात जो तू सुनावह हैं, का हैं? 20 काहे की तू हम ख अनोखी बात सुनावह हैं, एकोलाने हम जानह हैं की चाहत हैं की इनको मतलब का हैं। 21 एको लाने कि सब एथेंसवासी अर दुसरा देस का जो वाहा रहत रह नयो-नयो बात बोलन ख अर सुनन को अलावा अर कोई काम म बखत नीय बितात रह।”
22 जब पोलुस न अरियुपगुस को बीच म खडो हो ख बोलयो, “हे एथेंस को अदमी, मी देखु हैं की तुम हर बात म देवताओ ख बडा मानन वाला हैं।” 23 काहे की मी घुमतो हुओ तुम्हारो पुजनु की वस्तु हुन ख देख रहयो थो, तो एक असो वेदी भी पायो, जो पर लिखो थो, अनजान म ईस्वर को लाने। ओ खो लाने तुम बिना जाने पुजा हैं, मी उन को अच्छो समाचार सुनाउ हैं। 24 जो परमेस्वर न दुनिया अर उन की अब वस्तु हुन ओको बनायो, स्वर्ग अर दुनिया को मालिक हो ख मनुस्य हात को बनायो हुओ मन्दिर हुन म नीय रहत रह; 25 न कोई वस्तु कि आवस्कता को कारन इंसान हुन कि हतो कि सेवा लेवह हैं, काहे कियु अपनो तुम ख सब को जीवन अर स्वास अर सब कुछ देवह हैं। 26 उन ख एक ही मुल से इंसान कि सब जातिया सारी धरती पर रहन को लाने बनायो हैं; सीमा को ऐ को लाने बाँधा हैं, 27 कि वी परमेस्वर को ढुँढ़ें कदाचित उन ख टटोलकर पायो तेभी वही हम म से किसी से दुर नीय हाय। 28 काहे की हम ओ से जिन्दो रह,
29 अत: परमेस्वर को वंस हो ख हमे यह झमजनो जरूरी नी हैं ईस्वरत्व सोने या रुपे या गोटा को समान हैं जो इंसान की कारीगरी अर कल्पना से गढे गयो हैं। 30 ओको लाने परमेस्वर न अन्यता को बखतों पर ध्यान नी दियो, पर अब हर जगह सब इंसान को मन फिरान को आदेस देवह हैं। 31 काहे की उन न एक दिन रोखयो हैं, जो म एक इंसान को व्दारा धर्म से दुनिया को न्याय करे, जो ख उन न रोखयो हैं, अर उन म से मरिया हुआ म से जिलाकर ख यह बोली सब पर साबित कर दियो हैं।
32 “मरा हुआ को जी उठन को बात सुन ख कुछ ते ठटा करन लगया अर कुछ न कहयो यह बात हम तोसे फिर कभी सुने।” 33 येपर पोलुस उनको बीच म से निकल गयो। 34 पर कुछ अदमी ओको संग मिल गया, अर भरोसा करियो; जिनमा दियुनुसियुस जो अरियुपगुस को मेम्बर हतो, अर दमरिस नाम की एक बाई हती, अर उनको संग अऊर भी इंसान हुन हता।
<- प्रेरितो 16प्रेरितो 18 ->- a प्रार्थना का मंदिर
Languages