4 एकोलाने कुरनेलियुस करते हुए स्वर्ग दुत कि तरफ देखते बोल्यो, “अरे प्रभु, यू का आय?” स्वर्ग दूत न ओसे कय्हो, “तोरी बिनती अर गरीब लचार ख दियो वालो दान तो ख याद दिलान को लाने परमेस्वर को जोने पहुँच गया हैं।” 5 अऊर अब कुछ इंसान हुन ख याफा भेज अऊर समोन नाम को एक इंसान ख, जोका पतरस भी बोलो जावा हैं; इते बुलवा ला। 6 “उ समोन नाम को एक चमडा को धंदा कान वालो को संग रह रयो हैं। ओको घर सागर को किनार म हैं।” 7 जब वी स्वर्गदूत जे तोसे बात कि हती चलो गयो, ते ओ ना अपना दो दास हुन बुलायो, अर जो ओके नजीक म रय्हा करत हते ओ म से एक निजी साहयक भलो सिपाही ख बुलायो, 8 अर उन्हो सब बात बता ख याफा का भेजो।
9 दूसरो दिन जब वी चलत चलत नगर का नजीक पहुँचिया, तब पतरस लगभग दोपहर को निकट छत म प्रार्थना करन चढ़ियो। 10 जब वी खाना बनात ही रह।, ते पतरस न तैयारी कर रय्हो हतो ते पतरस न दर्सन देख्यो।; 11 अऊर ओ ना देख्यो कि आकास खुल गयो हैं। अऊर एक बड़ो चादर जसो कोई चीज नीचु उतर ख आवा हैं। ओखा चारी कोना से पकड़ ख जमीन पा उत्तरो जावा हैं। 12 जे म जमीन को सब प्रकार को चऊपाए अर रेगन वालो जानवर अर आकास क पक्छी हता। 13 ओ ख एक असो सब्द सुनाई दियो, “भी एक वानी न कहयो पतरस उठ, अर इनका मार अऊर खा।”
14 पतरस न बोल्यो, “प्रभु बिलकुम भी नी, काहेकि मी न कभी भी असुध्द या असुध्द खाना क कभी मी नी खायो।” 15 फिर दूसरो बार ओ ख सब्द सुनाई दियो, जे कुछ परमेस्वर न सुध्द ठहरायो हैं, “ओ ख तू काहे असुध्द मत कहव।” 16 तीन बार असो भयो; तब तुरत वी थाली आकास पर उठा लियो गयो।
17 जब पतरस अपन मन म सोच म हतो, कि यू सपना जे मी न देखो, वी कहो सकत हैं, ते देखो, वी अदमी जिनका कुरनेलियुस न भेजो हतो, समोन को घर पता लगाया ख ओको दुवार को आ ख खड़ो भया, 18 अर पुकार ख पूछन लगियो, “का समोन जे पतरस कहलावा हैं, उ यही मेहमान हैं?” 19 पतरस तो ओ दर्सन पर ही सोच ही रय्हो हतो, कि आत्मा न ओसे कय्हो, “देख, तीन अदमी तोरो खोज म हैं। 20 अत: उठ ख नीचो जा, अर बिना सक ओखा संग हो लेवा; काहेकि मी ही न उनका भेजो हैं।” 21 तब पतरस न उतर ख उ अदमी हुन से कय्हो, “देख, जेकी खोज तुम कर रय्हा हैं, वी मी ही हूँ। तुम्हारो आन को क कारन हैं?”
22 उनना बोल्यो, “हमका सतपति कुरनेलियुस न भेजो हैं। उ परमेस्वर से डरन वालो धर्मी इंसान आय। यहूदी जात म ओकी बेजा मान इज्जत हैं ओसे सुध्द स्वर्गदूत न तोखा अपनो घर बुलान को निवता देन को अऊर जे कुछ तू कहे ओखा सुनन कि बोल्यो हैं।”
23 ये पर पतरस उन्हे भीतरी बुला लियो अऊर रुकन को लाने जगह दी। फिर दुसरो रोज तैयारी कर ख उ उनको संग चल दियो। अऊर याफा ख कुछ भई हुन भी ओको संग चल दियो।
24 दूसरो दिन वी कैसरिया पहुँचिया, अर कुरनेलियुस अपन कुटुम हुन अर चोक्खो दोस्त ख इकट्ठा कर ख ओकी रस्ता देखत रय्हा हतो। 25 जब पतरस पीछे आत रह हतो, ते कुरनेलियुस न ओसे मुलाकात करी, अर ओको पाय पर गीर ख ओको पाय पड़ियो; 26 पर पतरस न ओखा उठा ख कय्हो, “खड़ो हो, मी भी तो एक इंसान ही आय।” 27 अर ओको संग बात चीत करते हुये भीतर गयो, अऊर उते ओ ना ढ़ेर सारा विस्वासी हुन ख इकट्ठो देख ख। 28 ओ ना ओसे कय्हो, “तुम जाना हैं कि एक यहूदी को लाने अनजात को संग नाता रखनो या ओको घर जानो नियम को हिसाब से गलत हैं। पर फिर भी परमेस्वर न मो ख बतायो हैं कि मी कोई भी इंसान हुन ख नीच या असुध्द नी कैय सकू। 29 एकोलाने जब मी बुलायो गयो ते बिना कुछ बोल ख चलो गयो। अब मी पुछु हैं कि मोखा कोन सो काम को लाने बुलायो गयो हैं?”
30 ये पर कुरनेलियुस म कय्हो, “चार रोज पहिले इत्ती बखत दिन को तीन बजे नी अपनो घर म बिनती करत रहा एकदम से सफेत फट कपड़ा म एक इंसान मोरो जोने आ ख खड़ो भयो।” 31 अऊर बोल्यो, “कुरनेलियुस। तोरी बिनती सुन लियो हैं अऊर गरीब लचार ख दियो वाला तोरा दान परमेस्वर को जोने पहुँच गया हैं। 32 एकोलाने कोई क याफा भेज ख समोन ख जोका पतरस बोला हैं, बुला। उ समुंदर को किनार समोन, चमडा को धंदा करन वालो को घर म मिजवान हैं। 33 ऐको लाने तब मीना तुरत तोरो जोने अदमी भेजियो, अर तू न चोक्खो करियो कि तू आ गयो। अब हम सब इते परमेस्वर को जोने हैं, ताकि जो कुछ प्रभु न तोसे कय्हो हैं ओखा सुने।”
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