6 असो ही अरु जवान इन्सान खे भी समझायो करणु की खुद नीयत्रीत हुये. 7 सब बातहोन मे अपना आप खे अच्छो आचरन को नमूनो बन्नु. तरी शिक्षा मे प्रामीनीक, अरु गम्भीरता ऱ्हे, 8 अरु असी खराइ पाये जाये की कोय भी ओका आलोचना नी करी सक्ये तरा दुश्मन लाजवाने हुये क्युकि तरा विरोधी मे बुरो नी बोल्यो अरु कुछ नी हुये.
9 सेवक समझा की अपना-अपना स्वामी का अधीन ऱ्हेस अरु सब बात मे तुमने प्रसन्न रख. अरु उलटी खे जबाब नी देस. 10 चोरी चपाटी नी कर्हे, खुद खे हमेशा भरोसा का लायक दिखाये कि वे सब बात मे हमारो उद्धारकर्ता परमेश्वर उपदेश कि शोभा बडास.
11 क्युकी परमेश्वर को उ अनुग्रह प्रगट हइ, जो सब इन्सान को उध्दार करस हइ, 12 अरु यो अनुग्रह हमखे चेतास हइ कि हम अभक्ति अरु सांसारीक अभिलाषाहोन से मन फेरीखे यो युग मे संयम अरु धर्म अरु भक्ति से जिवन बितास. 13 अरु उ धन्य आस की मंनजे अपना महान परमेश्वर अरु उद्धारकर्ता यीशु मसीह की महिमा को प्रगट होन कि रस्ता देखस हइ. 14 जेने अपना आप खे हमारा लिये दि दियो की हम हर प्रकार बुरो काम से छुडाये अरु अच्छो करीखे अपना लिये एक असा पवित्र दुन्या बनय ले जो अच्छा-अच्छा काम होन करण का लिये तैयार र्हेस.
15 पुरो अधिकार का साथ या बात सिखानु, अरु समझा जसो तु तरा सुनन आला खे डाटस अरु प्रोत्साहित करस हइ कोय भी तोखे तुच्छ समझनु नी पाये.
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