1 “या बातहोन मेने तुम से, येका लिए बोली कि तुम ठोकर नी खानू. 2 वे तुमखे आराधनालयहोन मे से नीकाली दिये क्युकी उ टेम आस हइ, कि जो कोय तुमखे मारी डाल्ये यो समझ्ये कि मी परमेश्वर की सेवा करुस हइ. 3 अरु येका लिए कर्ये कि उनने नी बाप खे जान्यो हइ अरु नी मेखे जानस हइ. 4 पर या बातहोन मेने येका लिए तुम से बोली, कि जब उनखे पूरो होन को टेम आयो ते तुमखे याद अय जाये कि मेने तुम से पैयले ही बोली दियो थो.
12 “मेखे तुम से अरु भी भोत सी बातहोन बोलनो हइ, पर अभी तुम उनखे सै नी सक्ये. 13 पर जब उ मंनजे सचाइ कि आत्मा अये ते तुमखे सब सच्चीइ कि रस्ता बताये क्युकी उ अपना तरफ से नी बोल्ये पर जो कुछ सुन्ये का उ बोल्ये अरु आनआली बातहोन तुमखे बताये. 14 उ मरी महिमा कर्ये क्युकी उ मरी बातहोन मे से लीखे तुमखे बताये. 15 जो कुछ बाप को हइ, उ सब मरो हइ. येका लिए मेने बोल्यो, कि उ मरी बातहोन मे से लीखे तुमखे बताये.
17 तब ओका केत्ता सेवक होन ने आपस मे बोल्यो, यो का हइ, जो उ हम से बोलस हइ, थोडी देर मे तुम मेखे नी देख्ये का अरु फिर थोड़ी देर मे मेखे देख्ये? अरु यो येका लिये कि मी बाप का पास जउस हइ? 18 तब उनने बोल्यो कि यो थोड़ी देर जो उ बोलस हइ का बात हइ? हम नी जाने कि का बोलस हइ.
19 यीशु ने यो जानीखे कि वे मरासे पुछनो चाउस हइ, उनसे बोल्यो तुम आपस मे मरी या बात का बारे मे पुछ-ताछ करस हइ, थोडी देर मे तुम मेखे नी देख्ये का अरु फिर थोड़ी देर मे मेखे देख्ये? 20 मी तुम से सच्ची सच्ची बोलुस हइ. कि तुम रोये अरु विलाप कर्ये पर जगत खुशी कर्ये तुमखे दुख हुये कि पर तुमारो दुख खुशी बनी जाये. 21 जब बय जन्म देस हइ ते ओखे दुख होस हइ, क्युकी ओको दुख की घडी अय पहुची, पर जब उ बच्चा खे जन्म दि चुकी ते या खुशी से कि जगत मे एक इन्सान उत्पन्न हुयो, वा संकट खे फिर याद नी कर्ये. 22 अरु तुमखे भी अब तो दुख हइ, पर मी तुम से फिर मील्यु अरु तुमारा मन मे खुशी हुये. अरु तुमारी खुशी कोय तुम से छुडय नी लीये.
23 “उ दिन तुम मरासे कुछ नी पुछ्ये. मी तुम से सच्ची सच्ची बोलुस हइ, अगर बाप से कुछ माग्ये का ते उ मरा नाम से तुमखे दिये. 24 अब तक तुम ने मरा नाम से कुछ नी माग्यो. माग्ये ते मील्हे जब कि तुमारी खुशी पूरी हुइ जाये.
29 ओका सेवक होन ने बोल्यो, “देख, अब तो तू खुली खे बोलस हइ, कोय दृष्टान्त नी बोले. 30 आब हम जानी गया, कि तू सब कुछ जानस हइ, अरु जरुरत नी की कोय तरा से सवाल कर्ये येका से हम विश्वास करस हइ, कि तू परमेश्वर का तरफ से आयो हइ”
31 यो सुनी खे यीशु ने उनसे बोल्यो “का तुम आब विश्वास करस हइ? 32 देखनु, वा घडी आस हइ क्युकी अय पहुची कि तुम सब इदर उदर हुइखे अपना-अपना रस्ता लिये अरु मेखे अयखेलो छोड दिये फिर भी मी एकलो नी क्युकी बाप मरा साथ हइ. 33 मेने या बातहोन तुम से येका लिए बोली हइ, कि तुमखे मरा मे शांती मीले. जगत मे तुमखे दुख होस हइ, पर हिम्मत बाधनु, मेने जगत खे जीती लियो हइ.”
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