11 तब पतरस ने सचेत हुइ खे बोल्यो, “अब मे ने सच जानी लियो हइ कि प्रभु ने अपनो स्वर्गदूत भेजी खे मेखे हेरोदेस का हाथ से छुड्य लियो, अरु यहूदीया होन की पुरी आस तोडी दि हइ.” 12 यो जानी खे उ उस यहून्ना की माय मरियम का घर आयो, जो मरकुस बोल्या जास हइ. वहा भोत सा दुन्या जमा हुइ खे प्रार्थना करी र्हा था. 13 जब ओने फाटक की खिडकी ठोकी, ते रुदे नाम की एक दासी देखन अय 14 पतरस को बोल पैछानी खे ओने खुशी का मारे फाटक नी खोल्यो, पन दौडी खे अंदर गइ अरु बतायो कि पतरस दरवाजा पर खडो हइ. 15 उनने ओकासे बोल्यो, तू पागल हइ. पन वा दृढता से बोली कि असो हि हइ. तब उनने बोल्यो कि ओको स्वर्गदूत हुये.
16 पन पतरस खटखटातो ही र्हियो. आखरी उनने खिडकी खोली अरु ओखे देखी खे चकित र्हि गया. 17 तब ओने उनका हाथ से हुशार करीयो कि चुप र्हे. अरु उनखे बतायो कि प्रभु कोय रीति से ओखे बन्दीगृह से नीकाली लायो हइ. फिर बोल्यो, “याकूब अरु भैइहोन के या बात बतै देनु.” तब नीकली खे दूसरा जगा चली गयो.
18 फजर का सिपैइहोन मे बडी हलचल मची गइ कि पतरस को का हुयो. 19 जब हेरोदेस ने ओकी खोज की अरु नी पायो, ते पहरुहोन की परख्ये करी खे आज्ञा दि कि वे मारी डाल्यो जाये.
21 ठैरायो हुया दिन हेरोदेस राज कपडा परनी खे राजगद्दी पर बठौ, अरु उनको व्याख्यान देन लग्यो. 22 तब दुन्या पुकार उठ्यो, यो ते इन्सान को नी इश्वर को बोल हइ. 23 उ टेम प्रभु को एक स्वर्गदूत ने जल्दी ओखे मार्यो, क्युकि ओने परमेश्वर कि महिमा नी दी. अरु उ किडा लगी खे मरी गयो.
24 पन परमेश्वर को वचन बडतो अरु फैलतो गयो.
25 जब बरनबास अरु शाउल अपनी सेवा पूरी करी चुक्या ते यहून्ना को जो मरकुस बोल्या जास हइ, साथ ली खे यरुशलेम से लौट्यो.
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