6 वो तत्काल उतरीन खुशी छे उको आपने घर ली गया। 7 यो देखीन सब मानसे कुरकुर करने लाग्या, “वो तो एक पापी मानुस क याहा जाय उतरियो छे।”
8 जक्कयो ने उबा हईन पोरबु छे कयो, “हे पोरबु, देख हाव आपसी आधी सम्पती गरीबो क देता छे, आरू यदि काही क भी अन्याय करीन लेदा छे तो उको चोवगुना फेर देता छे।”
9 तव ईशु ने ओका सी कयो, “आज इनीये घर मा उध्दार आश छे, अतरान करीन कि यो भी अब्राहम क एक पोर्या छे। 10 [a]काहकि मानुस क पोर्या खुवायो हुयो क हेरने आरू ओको उध्दार करने आश छे।”
11 जव वो यो वात सोमवी रया हुता, तो त्यो एक दृष्टांत कयो, अतरान करीन कि वो यरूशलेम क नीकट हुता, आरू वो समझता हुता कि यहोवा–भगवान क राज्य अब प्रगट हुयने वावा छे। 12 शेवली कावा त्यो कयो, “एक धनि मानुस दुर देस क चाली ताकी राज्य क पद देख्या पछा फीरीन आश।” 13 त्यो तुमरा दासो मा छे दस क बुलावीन तीनुक दस मुहर दिदा आरू उनछे कयो, “मारे पछव फिरीन आवने तक लेन–देन करने।” 14 पुन ओका नगर क रयने वावा ओका सी बैर रखता हुता, आरू ओका पछळ दुत क द्बारा कहवाये मुकल्या, “हामु नी जुवता कि यो हामु पर राज्य करे।”
15 जव वो राज्य क पद जुड़यो तव वा पछा पुगीयो, तो ओसो हुया कि त्यो आपने दासो क जीनुक रोकड दि होती, आपने साथे बुलाया ताकि मालम कर्या की त्या लेन–देन छे काय–काय कमाया। 16 तव पेहले ने आवीन कयो, “हे भगवान, तारी मुहर छे दस आरू मुहर कमाया छे।” 17 त्यो ओका सी कयो, “वारला आरू सयाळा दास! तु घोणा ही थुडा मा छे विश्वास योग्य नीकाव्या हिमी दस नगर पर हक राख।” 18 दिसरा आवीन कयो, “हे स्वामी, तारा सिक्का छे पाच आरू सिक्का कमाया छे।” 19 त्यो ओका सी भी कयो, “तु भी पाच नगर क सरदार क शासक बनजी।”
20 दिसरा आवीन कयो, “हे भगवान, देख सोनान सिक्का यो छे, जीनाक हाव ने पुतल्या मा बांधीन राख्या हुता। 21 काहकि हाव तुखे छे घबरायता हुता, अतरानकरीन कि तु ठुकर मानुस छे: जो तुने नी राख्या उको उठा लेता छे, आरू जो तुने जव वेर्या, उको काटतो छे।” 22 त्यो ओका सी कयो, “हे दृष्ट दास, हाव तारी मुह छे तुखे दोषी ठेहराया छे। तु मखे जानता हुता की ठुकर मानुस छे, जो हाव ने नी राख्या छे उठाय लेता, आरू जो हावने नी वेर्या उको काटतो छे; 23 तो तुने मारा धन सराफो क साथे काय नी राख्या दीया की हाव आवीन व्याज सहावत लेय लेता?”
24 आरू जो मानसे उबा हुता, त्यो उनछे कयो, “वो सोनान सिक्का ओका सी लेय ले, आरू जेका साथे दस सोनान सिक्का छे उको दे दो।” 25 त्या ओका सी कयो, “हे भगवान, ओका साथे दस सोनान सिक्का ते छे।” 26 “हाव तुमछे कयतु छे की जेका साथे छे, उको दीया जाछे; आरू जेका साथे नी छे, उको वो भी जो ओका साथे छे ले लेदा जाछे।” 27 [b]“पुन मारे उन दुस्मनयो क जो नी जुवता हुता की हाव उन पर राज्य करीस, उनको या लावीन मारे सामने घात करीस।”
28 यो वात कयीन वो यरूशलेम की आरू ओको अगळ–अगळ चाल्या। 29 जव वो जैतुन नाव क बयड़ा पर बैतफगे आरू बैतनिया क साथे पुच्चा, तो त्यो तुमरा चेला मा छे दुय क यो कयीन मुकल्या, 30 “सामने क गाव मा जावु; आरू उको पुचता ही एक गदड़ी क पीलो जीस पर कदी कोय सवार नीहि हुया, बांधियो हुया तुम्हे मीवछे, ओको छुड़ीन लेय आवु। 31 यदि काही तुमू छे पुछ्या की काय छुड़ता होय, तो यह कय देना कि पोरबु क इनाक जरूरत छे।”
32 जो मुकल्यया गया हुता, त्या जायन जसो ईशु उनछे कयो हुता, वोसो ही देख्या। 33 जव वो गदडा क पिल्लो क छुड़ता रया हुता तो गदडा क मालीक ने त्यो पुछा, “इनीये पीला क काय छुड़ता होय?”
34 त्या कयो, “पोरबु क इनाक जरूरत छे।” 35 वो ओको ईशु क साथे ले आश, आरू आपने लुगड़ा उना पीला पर नाखीन ईशु क उना पर बठाड दिया। 36 जव वो जाय रया हुता, तो वो आपने लुगड़ा मार्ग मा आथरता जाता हुता।
37 नीकट आवता हुया जव वो जैतुन बयड़ा की ढलान पर पुच्चा, तो चेला कि सारी मंडळी उन सब शक्ति क काम क कारण जो तीनुक देख्या हुता, खुश हईन मोटा ओवाज छे यहोवा–भगवान की बढ़ाई करने लाग्या: 38 “धन्य छे वो राजा, जो पोरबु क नाव छे आवता छे! सोरग मा शांती आरू आकाश मण्डल मा महिमा होय!”
39 तव गर्दी मा छे काय फरीसि उको कयनो लाग्या, “हे गुरू, आपसा चेला क लड़िया।”
40 त्यो जवाब दीय, “हाव तुमछे कयता छे, यदि यो चुप रया तो दगड़ा आयड़ने उठसे।”
45 तव ईशु मंदिर मा जाईन वेचने वावा क बारथा नीकावणे लाग्या, 46 आरू उनछे कयो, शास्त्र मा लिख्या छे, यहोवा–भगवान कयता छे “मारो घर प्रार्थना क घर होयछे पुन तुमू ने उको डाकु कि खोह बनाड़ देदो छे।”
47 [c]वो हर दाहडे मंदिर मा शिक्षा करता हुता; आरू मुखी पुजारा आरू शास्त्री आरू मानसे क मुखिया उको मारना क मेखे हेरता हुता। 48 पुन काही उपाय नी नीकाव सक्या की यो काही प्रकार कर्या, काहकि सब मानसे मोटि चाह छे ओकी सोमवता हुता।
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