10 “जु आपना भाईसक मा महायाजक होसे जेका मुनका पर अभिषेक तेल न्हाख्या गया होसे, आरू जेका पवित्र छिंदराक पेहरनेन करता संस्कार होयो होसे चो आपना मुनकाक झोठा वेरायने नी देनु, आरू नी आपना छिंदरा फाड़े; 11 आरू नी चो काहना लोथ क जु जाए, आरू नी आपना बास या आयाक कारण आपनुक अशुद्ध करे; 12 आरू चो पवित्रस्थानक पवित्रस्थान सी बाहरता भी नी निकळे, आरू नी आपना परमेश्वरक पवित्रस्थानक विटुळ ठरायो; काहकी चो आपना परमेश्वरक अभिषेक तेलरूपी मुकुट धारण कर्या होया छे; हाव योहोवा छे। 13 आरू ची कुवारी बायर सी हियाव करे। 14 जी विधवा, या त्यागी होई, या भ्रष्ट, या वेश्या होसे, ओसी काहना सी ची हियाव नी करे, चा आपनाज लोगहन वीच माहयला काहनी कुवारी पोराय सी हियाव करे। 15 आरू ची आपनी संतानक आपना लोगहन मा विटुळ नी करे; काहकी हाव ओकान पवित्र करनेवाळा योहोवा छे।”
16 पछु योहोवा मूसा सी कयो, 17 “हारून सी कय कि तार साथे वंश पीढ़ी पीढ़ी मा जेका काहनाक कुई भी दोष होसे चो आपना परमेश्वरम खानो चढ़ावनेक करता सामने नी आया। 18 एकदो काह नी होसे जेका मा दोष होसे वो सामने नी आया, चाहे चो आंधवो होसे, चाहे लेंगड़ा, चाहे नकटपटा होसे, चाहे ओकान काहय सवटो अंग होसे, 19 या ओकान पाय, या हाथ टूटे होसे, 20 या चो कुबड़ा, या बौना होसे, या ओकान डुवा मा दोष होसे, या उका मानसक चाई या खुजली होसे, या ओकान आंडा पिचका होसे; 21 हारून याजकन वंश मा सी जेका काहना मा एकदो भी दोष होसे चो योहोवाक हव्य चढ़ावने करता सामने नी आया; चो जो दोषयुक्त छे कभी भी आपना परमेश्वरन खानो चढ़ावनेक करता सामने नी आया। 22 चो आपना परमेश्वरन पवित्र आरू घण चुखो दुयु प्रकारन भोजनक खाये, 23 पुन ओकान दोषन कारण चो नी ते वीचमाहयला पड़दान माहयता आया आरू नी वेदीक सामने, जेका सी ओसा नी होसे कि चो मारो पवित्रस्थानक विटुळ करे; काहकी हाव ओकान पवित्र करनेवाळा योहोवा छे।” 24 एरकरता मूसु हारून आरू ओकान पोर्याक तथा सब इस्राएलियाक या वातु कय सुनाई।
<- लैव्यव्यवस्था 20लैव्यव्यवस्था 22 ->
Languages