10 हुयो कोयो, “सोमळ, हांव एक वाचा बाँदो छे। तारा आखा मानसो क अगळ मा ओसा मोटा काम करिस जोसो कळी पोर आरु आखी जाती मा कोदी नी होये; आरु हुये आखा मानसे जेरे विच तु रोहे छे योहोवा क काम क देखसे; काहकी ज हांव तुमु मानसो क लिय करने पोर छे हुयो भयंकर बीकन काम छे। 11 ज हुकुम मे आज तुमुक आपो छे ओक तुमु मानसे मानजु। देखु, हांव तुमरे ओगळ सी एमोरी, कनानी, हित्ती, परिज्जी, हिब्बी, आरु यबुसी मानसो क निकळो छे। 12 एकालिय चोकचोया रोहनो कि जेना देश मा तु जानेवाळो छे उना निवासियो सी वाचा नी बाँदनो; काहिय ओसो नि होये की हुयो तारे लिय फंदो कोहाये। 13 एकालिय ओकी वेदीयो क पाड़ दे नो, ओक खांभा क तुड़ नाखजो, आरु ओकी अशेरा नावोन मुर्तियो क काट नाखजो;[b] 14 काहकी तुमुक काहनी दिसरा क ईश्वर कोरिन वादंने कोरने क हुकुकम नी, काहकी योहोवा जेरो नाव जलनशील छे, हुयो धोपाइन उठनेवाळो परमेश्वर छे, 15 ओसो नी होये कि देशक निवासियो सी वायदु करे। ओसो नी होय कि जव वे आपना देवता क बुंडो काम करे आरु यो वेवविचार क व्यवहार कोरे, आपना देवता क बलि चढ़ावसे आरु कोई तुखे नेवतो करे तव तु ओकान बलीन मांस खासे। 16 आरु तु ओकी पुराय क आपना पुर्या क लिय लावे, आरु ओकी पुराय ज आप आपना देवताओ क पोछोल होयने क वेवविचार कोरे छे, तारा पुर्य सि वी आपना देवताओं क पोछोळ होयने क वेवविचार कोरावे।
17 “तुमु देवताओ क मुर्तिया घोड़ीन झुणी बोनाय लेनो।[c]
18 “अखमीरी रुटी क पर्व मानजु। हेरेम मारी हुकुम क ओनसारे आबीब मोहना क नियत टेमे पोर सात दाहड़ा लोगुन अखमीरी रुटा खाया कोरजु; काहकी तु मिसर सी आबीब मोहना मा निकळ आया।[d] 19 हर एक पहिलौठा मारो छे; आरु काय बछड़ो, काय मेम्ना, तारा ढुरो मा सी ज नर पहिलोठो होये हुयो सब मारोत छे।[e] 20 गदड़ा क पेहला खुळ्या क बोदले मेम्नो आपिन ओक छुड़ावजो, कदाम तु ओक छुड़ावने नी चाहे ती ओक गोळो तुड़ देजी। बाखुन आपना आखा पहिलोठो पुर्या क बदलो आपिन छुड़ावनो। मेसे काई ठाहरले हाते आपनो मुय नी देखाड़े।[f]
21 “छव दाहड़ा ते काम कोरजु, बाखुन सातवे दाहड़े आराम कोरजु; बाखुन हळ जुपने आरु काटाई क टेमे वी आराम कोरजु।[g] 22 आरु तु सापता क पर्व मानजु ज पेहला लवे हुया गोहोव क पर्व कोहाये छे, आरु साल क आखरी मा एकठो क वी पर्व मानजु।[h] 23 साल मा तिन वार तारा आखा मानसे इस्राएल क परमेश्वर पोरबु योहोवा क आपनो मुख देखाड़े। 24 काहकी हांव दिसरी जाति क तारे अगळ सी निकाळीन तारि सिमाओ क विदाड़िस; आरु जब तु आपना परमेश्वर योहोवा क आपनो मुख देखाड़ने क लिय साल मा तिन वार आया कोरे, ती काई तारी भुमी क लालच नी कोरसे।
25 “मारा बलिदान क लुहुय क खमीर भेळ नी चोड़ावनो, आरु नी फसह क पर्व क बलिदान मासी काइन सोंदारे लोगुन रोहने देजो।[i] 26 आपनी भुमी क पेहली उपज क पेहलो वाटो आपना परमेश्वर योहोवा क भवन मा ली आवनो। बुकड़ा क गिदल्या क ओकी आईस क दुध मा नी पाकाड़नो।”[j]
27 तोत्यार योहोवा न मुसा सी कोयो, यो बुल लिख लेये; काहकी एना बुलो क ओनसारे हांव न तारे आरु इस्राएल क पुठी वाचा बादलो छे। 28 मुसा होया योहोवा क पुठी चालिस दाहड़ा आरु रात रोयो; आरु तोत्यार लोगुन नी ते हुयो रुटा खादा आरु नी पानी पिदो। आरु हुयो हेनु तख़्तियो पोर वाचा क बुल यानी दोस हुकुम लिख देदो।
- a 34:6 निर्गमन 20:5-6; गिनती 14:18; व्यवस्थाविवरण 5:9-10
- b 34:13 व्यवस्थाविवरण 16:21
- c 34:17 निर्गमन 20:4; व्यवस्थाविवरण 5:8; 27:15
- d 34:18 निर्गमन 12:14-20; गिनती 28:16-25
- e 34:19 निर्गमन 13:2
- f 34:20 निर्गमन 13:13
- g 34:21 निर्गमन 20:9,10; 31:15; 35:2; व्यवस्थाविवरण 5:13,14
- h 34:22 गिनती 28:26-31
- i 34:25 निर्गमन 12:10
- j 34:26 निर्गमन 23:19; व्यवस्थाविवरण 26:2; 14:21
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