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11
दसवी पीड़ा: पेहला खुळीयान मोतन
1 ओळी योहोवा भगवान मुसा सी कयो, एक आरु पीड़ा हांव फिरोन आरु मिसर देश पर न्हाको, तव‍‍ त्यो तुम लोगहन को वाँ सी जाने देसे, आरु जव त्यो तुम लोगहन को जाने देय तव तुमु सबन को पाक्‌कोत् निकाळ देसे। 2 म्हारी परजान लोगहन को म्हारो यो हुकुम समळाड़ कि एक–एक ओदमी आरु एक–एक बाय लोग आपसी साते वाळा सी सोना–चाँदीन गयनो मांग लेय।" 3 तव योहोवा भगवान मिसरियान को आपसी परजान क लोगहन पर दया वाळा बनायो। आरु इना सी त्यो मनुस मुसा मिसर देश मा फिरोनन करमचारिया आरु पंचु लोगहन क नजर सामने घणो मोटो हुतो।[a] 4 ओळते मुसा न फिरोन सी कयो, योहोवा भगवान इनीये रीतिये कय रीयो, कि आदीक रातन टेमे हांव मिसर देशन वीच मा सी चालीस। 5 तव मिसर देश मा राजगाद्दी पर बठने वाळा फिरोन सी लगाड़ीन चक्की दोळने वाळी पावेरनीन तक पेहल खुळीया याँ तक कि पशुन बी पेहलो पयदा मर जासे 6 आरु सारा मिसर देश मा घणो मोटो विखो पड़जासे, या तक कि ओको सारको नी ते कदी हुयो आरु नी हुये। 7 पुन इसराएलीयान विरुध्द मा, काय मनुस, काय पशु, कुदा पर बी कुदु कुतरो बी नी भोकसे; जिना सी तुम लोगहन जान जासु कि मिसरिया आरु इसराएलीया मा हांव योहोवा नेवाड़ो पाड़ो। 8 तव थारा ये सब करमचारिया म्हारे पास आवीन मखे वान्दीन यो कयसे, थारा आखा लोगहन क साथ मा निकळी जा।' तव हांव निकळी जाईस यो कहीन मुसा फिरोन क पास सी घणो किचवाईन निकळी गीयो। 9 योहोवा मुसा सी कय दीयो हुतो, "फिरोन तुमरी वात नी समळे; काहकी म्हारी यी मरजी छे कि मिसर देश मा घण सवटी सोहलानी देखाड़ो।" 10 मुसा आरु हारुन फिरोनन सामने यी घण सवटी विनछेळाय सोहलानी देखाड़ीया; पुन योहोवा भगवान फिरोन क मन को आरु वातड़ो कर दीदो, अतरान करीन त्यो इसराएलीयान को उना देश को छुड़ी जाने नी दीदो।

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