5 अळते हांव एक आरु जनवार को देख्यो जो रिछड़ान सारको हुतो, आरु पछला पायोक भुरसे उबो हतो, आरु हेका मुंय मा दातोन वीच मा तीन पासळीया हुती; आरु लोगहन हेका सी कयतला, उठीन घण जबर मांस खा।
6 तव जाईन हांव एक जनवार को देख्यो त्यो चीतान सारको हुतलो। पुन हेका वासा पर चिल्लान सारका च्यार पाखड़ा हुतला। हेको राज करनेन होक जुड़लो हुतलो।
7 हेर बाद मा हांव रात न दर्शन मा चवथा जनवार लो देख्यो। त्यो देखने मा भहवाड़े हसा हुतला, बीहवाड़नीया आरु घण मटा हुता। हेका मुय मा मटा- मटा लुहड़ान दात हुतला। त्या सब काय खातलो आरु टुकड़ा-टुकड़ा कर देतलो। जो हेका मुय वाच जातलो। तेखेक त्यो पाये करीन कुचळी देतलो। त्या पेहला तीन जनवारीया सी अलग भातीयो हुतलो। 8 हांव हेका सींगड़ान को वारु नजर सी देख्यो। उना टेम पर उना सींगड़ान वीच मा रयीन आरु एक सींगड़ो निकळीयो, जिनान कारण सी त्या पेहला सींगड़ा मुळ सी उखळी गीया। त्यो सिंगड़ो नानो हुतो, आरु इनाम मनुस न ढुळान सारका ढुळा हुता। हेका मुय भी हुतो जो मोट बुले बुलतो हुतो।
11 उना टेम पर उना सिंगड़ा न मोटो बुल समळीन हांव देखतो रीयो, आरु देकता- देखता आखरी मा देखियो कि उना जनवार को म्हार न्हाकीया आरु हेका डील को नाश कर दीदा, आरु हेका धड़ को आग्ठा धपाड़ने करिन आप दिदा। 12 बाकि रयला जनवार सी राज करनेन हक हापकी लिदा, पुन हेनका जीवनन को धुड़ाक टेम वाटे वाचाड़ी राखीया।
13 हांव रात को दर्शन मा यो देख्यो की आकाश न वादळान सात मा मनुसन पोर्या सारको ककोय आवतो हुतो, आरु त्यो घनो मोटा डाहडान क पास पुगीयो, आरु त्यो आपसा को हेके सामने लायो। 14 तव त्यो डाहडो हेकेक असी महीमा आरु राज आपीयो, कि देश-देश आरु जाति- जाति न लोगहन आरु अलग- अलग भाषा बुलने वाळा सब हेका नेचा हुय गीया; आरु हेको राज जलोमको रयने वाळो बनीयो।
19 तव मखे आरु चवथा जनवारन वाराम जानेन विचार आयो। यो जनवार हेनु तीन जनवारीया सी अलग हुतो। त्यो देखने मा गणो बीहवाड़े हसो हुतो आरु हेका दात लुहड़ान आरु नखड़ीया पीतळन हुता, त्यो सब काय खाय जातलो, आरु चुरा-चुरा कर दितलो, आरु वाचलान को पायो सी रोंदळी देतलो। 20 हांव हेका दस सिंगड़ान वारा मा भी पुछियो जो हेका मुनका पर हुता। हांव हेका सी उना नानला सिंगड़ान वारा मा बी पुछियो जो दस सिंगड़ान वीच मा निकळलो हुतो, आरु जिनान कारण तीन सिंगड़ा पड़ गयला हुता, जिन्दरा डुळा हुता, आरु जिनाम मोटा बुल बुलने वालो मुय हुतो, आरु दिसरा साती सिंगड़ा सी मोटो मालम पड़ रीयो हुतो। 21 [b]ओळी हांव देख्यो की त्यो सिंगड़ो चुखला लोगहन क सात मा लड़ाय करीन हेनु पर उना टेम पर जुराको बी हुय गीयो, 22 [c]जव तक त्यो वेगलो मनुस नी आयो, आरु मोटा परमेश्वरन चुखला लोगहन भेणी नियाव विचार करीयो आरु टाकलो टेम आयो आरु चुखला लोगहन को राज हात लागीयो।
23 त्यो कयो उना चवथा जनवार न मतलब, एक चवथो राज्य छे, जो एनी दरती पर उबजसे, जो दिसरा राज्य सी अलग रयसे। त्यो सारी धरती क खाय जासे। त्यो हेकेक आपसा पांज्या सी रोंदळसे, त्यो हेका चूर–चूर करसे। 24 हेका दस सिंगड़ान यो मतलब छे: इना राज्य मा दस राजा उबजसे, आरु हेनका बाद एक आरु राजा पयदा हुयसे। यो आपसा पेहला राजा सी विनभातीयो हवसे, आरु हेको उबजणे सी तीन राजा को खतम कर देसे। 25 आरु त्यो राजा मोटा परमेश्वर न विरुद मा वात कयसे, आरु परमेश्वरन चुखला लोगहन दळ देसे, आरु टेम आरु नियम को बदलनेन कुशीश करसे; परमेश्वरन लोगहन को साढ़ी तीन साल तक उना राजा हक मा लर देसे। 26 पुन, तव नियाव करणीया बठसे, आरु हेको राजपाट हापकीन मिटाड़ देसे; आरु नाश कर देसे या तक त्यो जलोमको खतम हुय जासे। 27 तव राज आरु हकदार आरु धरती परुन राजन बड़ाय, मोटा परमेश्वरन जुन चुखला लोगहन को आप देसे, हेको राज जलोमको राज छे, आरु सब राज करने वाळा हेका हक मा रयसे आरु हेको हुकुम मानसे।
28 “इनी वातन पुरावो कर दिदो, पुण म्हार मन न विचार मखे घण गबराय रीया, आरु दानियेल घणो बीह गीयो; आरु इनी वात को हांव म्हारा मन राक रीयो।”
<- दानियेल 6दानियेल 8 ->
Languages