14 हाव तीसरी बार तुमरे साथे आवने क तियार छे, आरू ने तुमू पर काही भार नी राखीस, काहकि हाव तुमरी संपत्ती नी वरना तुमू ही क जुवता छे। काहकि पोर्य क आश बास क करता धन एखठो करने नी जुवे, पर आश बास क पोर्य क करता। 15 हाव तुमरी आत्मा क करता खुप खुश छे सच्च करीस, वरना आप भी सच्च होय जाछे। काय जोतरा बढ़ीन तुमू छे मोंग राखता छे, ओतरा ही घटी तुमू मखे छे मोंग राखसे? 16 ओसो होय सकता छे कि हाव ने तुमू पर भार नी नाख्यो, पुन चतराय छे तुमू धोखा देखीन फसाड़ दिदो। 17 भला, जिन्हे हाव ने तुमरे साथे मुकल्यो, काय उनमा छे काही क द्वारा हाव ने छल करी तुमू छे काही ली लेदा? 18 हाव ने तीतुस क समझाड़ीन ओका साथे तीना भाईस्यो क मुकल्यो, त काय तीतुस छल करीन तुमू छे काहय लेदा? काय हामु एकुज आत्मा छे चलाड़े छे चाले? काय एकुज लीक पर नी चाले?
19 तुमू हिमी तक समझ रया होयछे कि हामु तुमरे सामने जवाब देय रया छे। हामु तो यहोवा–भगवान क हजुर जाने मसीह मा बुलता छे, आरू हे मोंगावु, सब वात तुमरी बढ़ती ही क करता कयता छे। 20 मखे घाबराय छे काही ओसो नी होय कि हाव आवीन जोसो जुवता छे, वोसो तुमू भी देखछे; आरू मखे भी जोसो तुमू नी जुवता ओसो हिय देखता; आरू तुमू मा झगड़ा, डाह, रीस, विरोध, किचवन, चुगली, डाहवाय आरू वाद होय; 21 आरू काही ओसो नी होय कि मारो यहोवा–भगवान मारो पछु तुमरे याहा आवने पर मखे पर दबाव नाखने आरू मखे घोणा क करता पछु शोक करने पड़्या, जिन्होने पेहल पाप कर्या हुता आरू भुण्डलो काम आरू व्यभिचार आरू लुचपन छे, जो त्या कर्या, मन नी फिराया।
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