5 इनी प्रकार हे नवयुवको, तुमू भी डाहडा क हको तळे रयो, वरना तुमू सब क सब एक दिसरा की सेवा क करता दीनता छे कमर बांधीन रयो, काहकि “यहोवा–भगवान डाहवाळा क विरोध करता छे, पुन दाहड़ा पर फोकटन दया करता छे। 6 [b]एरकरीन यहोवा–भगवान क बलवन्त हात क नेचो दीनता छे रयो, जिना छे वो तुमू वारू टेहाव पर बढ़ाई।” 7 आपसी सारी चिंता ओको पर नाख देवु, काहकि ओको तुमरो ध्यान छे।
8 सचेत होय, आरू जागता रवु; काहकि तुमरा विरोध शैतान गर्जनेवावो सिंह क समान इनीये हेरने मा रयता छे कि काही क फाड़ीन खावु। 9 विश्वास मा दृढ़ हईन, आरू यो जानीन ओको सामना करू कि तुमरा भाईस जो संसार मा छे ओसो ही दुःख सह रये छे। 10 हिमी यहोवा–भगवान जो सब फोकटन दया क दाता छे, जो तुमू मसीह मा आपसी अमरकाय महिमा क करता बुलाया, तुमरे थुड़ी देर तक दुःख उठाड़ने क बाद आप ही तुमू सिध्द आरू स्थिर आरू बलवन्त करसे। 11 तीनी क साम्राज्य युगानयुग रवे। आमेन।
13 [d]जो बेबीलोन मा तुमरे समान त्योन्या होया मानसे छे, वो आरू मारो पोर्य मरकुस तुमूक नमस्कार कोवतो छे। 14 मोंग क गोवे लागाड़ ने छे एक दिसरा क नमस्कार करू।
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