1 उहै रोज यीसु ऊ घर के छांड के झील के टाठा हे सिक्छा देय के निता बइठ गइस। 2 ओखर लिघ्घो एतका बडा मनसेन के भीड जुड जथै कि यीसु अक्ठी नाह जिहाज हे बइठ जथै अउ सगलू भीड झील के पाखा हे ठाड रथै। 3 अउ यीसु किस्सा सुनाय के,
9 जेखर “कान होय ऊ सुन ले।”
10 फेर यीसु के चेला आय के ओखर लग पूछथै, “तै काखे मनसेन के किस्सा हे सिक्छा हे बात करथस?”
11 यीसु चेलन के जबाब देथै, हइ इहैनिता हबै कि स्वरग राज के लुके हर के जानै के ग्यान तुमही दय गय हबै, उन मनसेन के नेहको। 12 काखे जेखर लिघ्घो हबै, उके अउ दय जही अउ ओखर लिघ्घो बोहत हुइ जही, पय जेखर लिघ्घो नेहको हबै, ओखर लग वहु लइ ले जही जउन ओखर लिघ्घो हबै। 13 इहैनिता मै उनखर लग किस्सा के परयोग करके बात करथो, काखे ऊ देखथै तउभरमा ऊ अंधरा बनथै अउ सुनथै तउभरमा ऊ नेहको सुनथै अउ नेहको समझथै। 14 उनखर बारे हे यसायाह ग्यानी मनसे आगू कर बात कहे हर उनखर हे पूर होथै,
16 पय धन्य हबै तुम्हर आंखी काखे उन देखथै अउ धन्य हबै तुम्हर कान काखे उन सुनथै। 17 मै तुम्हर लग सही कथो, ग्यानी मनसे अउ धरमी मनसे जउन बातन के देखै चाहथै अउ उन नेहको देख पाइन, पय तुम देखथा अउ जउन बातन के उन सुनै चाहथै, उनही तुम सुनथा, पय उन नेहको सुन पाइन।
18 “अब तुम बिजहा बोमै बाले किसान के किस्सा कर मतलब सुना। 19 ऊ बिजहा जउन गली कर टाठा हे गिरे रथै, ओखर मतलब हबै, कि जब कउ स्वरग के राज के संदेस सुनथै, अउ उके नेहको समझथै, ता भुतवा आय के ओखर मन हे जउन बिजहा बोय रथै उके चुराय लइ जथै। 20 ऊ बिजहा जउन पथरइला भुंइ हे गिरथै, ओखर मतलब हबै ऊ मनसे जउन संदेस सुनथै अउ उके खुसी लग हरबी अपनाय लेथै। 21 पय ओखर तरी तक जर हे नेहको रथै अउ चुटु देर तक रही पाथै, जब संदेस के कारन कस्ट अउ दिग्गत आथै ता ऊ जलदिन घबरा जथै। 22 पुडरा हे गिरे हर बिजहा कर मतलब हबै, ऊ मनसे जउन संदेस के सुनथै, पय दुनिया के चिंता अउ डेरा के लालच हे आय के परभु कर बचन के छांड देथै अउ ऊ मनसे आगू नेहको बड पाथै। 23 निक्खा भुंइ हे गिरे हर बिजहा के मतलब हबै, ऊ मनसे जउन संदेस के सुनथै अउ समझथै ऊ आगू बड जथै, ऊ बिजहा तीस गुना अउ साठ गुना अउ सव गुना फडुहा लानथै।”
31 यीसु उनखर आगू अक्ठी अउ किस्सा कथै, कि “स्वरग कर राज राई के दाना कर जसना हबै, जेही कोनो मनसे लइके अपन खेत हे बोय दय हबै। 32 राई बिजहा सगलू बिजहा लग नान तो हबै, पय बढके सगलू सबजी भाजिन लग बड्डे हुइ जथै अउ असना रूख बनथै, कि बादर के चिरइया आयके ओखर डगइल हे सोथै।”
33 यीसु अक्ठी अउ किस्सा सुनाथै, कि “स्वरग कर राज ऊ खमीर कर जसना हबै, जेही कोनो डउकी लइके तीन किलो पिसान हे मिला देथै, धीरे-धीरे ऊ खमीर हुइ गइस।”
34 यीसु किस्सन हे हइ सगलू बात मनसेन लग कथै, ऊ बिगर किस्सा के उनखर लग कुछु नेहको कथै। 35 जेखर लग ग्यानी मनसे के हइ बात पूर हुइ जाय,
37 यीसु उनके जबाब देथै, बढिहा बिजहा बोमै बाले मनसे कर टोरवा हबै। 38 खेत दुनिया हबै, बढिहा बिजहा राज के लरका हबै, जंगली चारा भुतवा कर लरका हबै। 39 बोमै बाले बैरी भुतवा हबै, कटनी दुनिया कर आखरी हबै मजदूर स्वरगदूत हबै। 40 जउन मेर मनसे जंगली चारा के पउधा अक्ठी जिघा करके आगी हे लेस देथै, ओसनेन दुनिया कर आखरी हे होही। 41 मनसे कर टोरवा अपन स्वरगदूतन के पठोही अउ उन ओखर राज मसे सब मनसे ठोकड के कारन बनथै अउ अधरम करै बालेन के अक्ठी जिघा करही। 42 उनही आगी के कुन्ड हे डाल देही, उहां उन मनसे लगेतार रोहीं अउ दांत चबाउत रइहीं। 43 तब धरमी मनसे अपन बाफ भगवान कर राज हे, बेरा के जसना चमकही। जेखर कान होय ऊ सुन ले।
52 यीसु अपन चेलन लग कथै, “हइ कारन सगलू नियम के गुरू जउन स्वरग कर राज के चेला बने हबै, ऊ अक्ठी असना घर के मालिक के जसना हबै, जउन अपन मन लग नबा अउ पुरान चीज निकाडथै।”
53 यीसु किस्सा के खतम करके उहां लग कढ जथै। 54 यीसु अपन देस छो आइस अउ मनसेन के यहूदी मंडली हे सिक्छा देय लगथै, चकित हुइके कथै “इके हइ दिमाक अउ अदभुत काम करै के सक्ति कछो लग मिलिस? 55 का हइ कारीगर कर टोरवा नेहको हबै? का मरियम एखर दाय नेहको? का याकूब, यूसुफ, समोन अउ यहूदा एखर भाई नेहको? 56 का एखर सगलू बेहन हमर बीच नेहको रथै? ता हइ सगलू इके कछो लग मिलिस?” 57 उन यीसु के परति गुस्सा लग भर गइन।
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