1 अक रोज यीसु बिनती भवन छो मनसेन के सिक्छा देथै अउ संदेस सुनाथै, कि मुखिया याजक अउ नियाव के गुरू सियानन मनसेन के संग ओखर लिघ्घो आथै। 2 मनसे यीसु लग पूछथै, “हमके गुठे तै हइ काम केखर हक लग करथस, ऊ कउन हबै जउन तोके हइ हक दय हबै?” 3 यीसु उनही जबाब देथै, “मै तुम्हर लग अक्ठी सबाल पूछथो तुम मोके गुठेबा? 4 यूहन्ना कर बतिस्मा स्वरग के पल्ला लग रथै, या मनसेन के पल्ला लग?” 5 उन मनसे अपनै हे गुठेमै लागथै, अगर हम गुठेबो कि स्वरग के पल्ला लग, ता यीसु गुठेही कि तुम मनसे यूहन्ना हे बिस्वास काखे नेहको करा? 6 अगर हम गुठेबो ऊ मनसे के पल्ला लग हबै, ता सगलू मनसे हमके पथरा मरही, काखे कि यूहन्ना के ग्यानी मनसे समझथै। 7 इहैनिता उन यीसु के जबाब देथै, “हम नेहको जानथन कि ऊ केखर पल्ला लग रथै।”
8 “यीसु उनखर लग कथै, मै तुमके नेहको गुठेहूं, कि मै हइ काम केखर हक लग करथो।”
9 फेर यीसु मनसेन के हइ किस्सा सुनाथै, कउनो मनसे अंगूर के बगिया लगाइस अउ उके कुछ किसानन के ठेका हे दइके बोहत रोज के निता परदेस चले गइस 10 टेम आमै हे ऊ फसल के हिस्सा पामै के निता किसानन के लिघ्घो अक्ठी हरवाह के पठोथै, कि उन बगिया के बारी के कुछ फडुहा के बांटा उके दे, पय किसान उके मारथै पीटथै अउ छूछे हाथ लउटाय देथै। 11 फेरै ऊ दूसर हरवाह के पठोथै, ओखरो संग ओसनै करथै अउ छूछे हाथ लउटाय देथै। 12 ता ऊ तीसर हरवाह के पठोथै, पय उहो के अधमरहा करके बाहर छो निकाड देथै। 13 ता ऊ बगिया के मालिक कथै, मै काहिन करव, अब मै अपन पिरिया टोरवा के, उनखर लिघ्घो पठोहूं, सायद उके देखके, उन मनसे ओखर इज्जत करै। 14 पय उके देख के किसान, अपने हे कथै, इहै डेरा के मालिक हबै, आबा इहो के मार डारी, ता सगलू कुछु डेरा हमर हुइ जही। 15 ऊ मनसे बगिया के बाहिर निकार के मार डारिन,
17 उनखर पल्ला निहाडथै, अउ कथै, ता फेर हइ काहिन लिखवरे हर हबै,
18 जउन कउ पथरा हे गिरही ता खुन्डा-खुन्डा हुइ जइही, अउ जेखर उप्पर ऊ पथरा गिरही ता ऊ पिसरर जही[b]।
19 ऊ टेम नियाव के गुरू अउ प्रधान याजक ताक हे रथै, कि यीसु के कउनो मेर पकर लइ, काखे उन मनसेन लग डर गइन, यीसु किस्सा लग उनखर पल्ला इसारा करथै। 20 ऊ मनसे यीसु के ताक हे रथै, अउ उन बदमासन के पठोथै, कि धरम के भेस बदल के, यीसु के कउनो बात के पकडै, ता ओही न्यायधीस के हाथ हे सउप दइ। 21 इहैनिता उन पूछथै अउ कथै, गुरू हम जानथन, कि जउन निक्खा बात हबै, तै उहै बात के गुठेथस अउ उहै के आदेस देथस अउ न तै कउनो के पल्ला लेथस, पय निक्खा भगवान कर रास्ता के सिक्छा देथस। 22 गुठे कि हम कैसर राजा बयाज देय का उचित हबै कि नेहको? 23 यीसु उनखर आदत के समझ जाथै, इहैनिता उनखर लग कथै। 24 चांदी के पइसा मोके दिखाबा, ओखर उप्पर केखर छाप अउ नाम हबै,
25 यीसु उनखर लग कथै, ता फेरै जउन कैसर कर हबै, ओही कैसर के देया अउ जउन भगवान कर हबै ओही भगवान के देया।
26 ऊ मनसे ओखर जबाब हे मगन हुइके चुप रह जथै अउ ऊ मनसेन के आगू जउन कुछ बात गुठे रहिस, ऊ बात हे यीसु के नेहको पकड पाथै।
34 यीसु उनखर लग कथै, या हइ पीढी के डउका अउ डउकी काज करथै। 35 पय ऊ मनसे जउन पीढी के कउनो हिस्सा जसना, अउ मरे हर मसे जिन्दा होय के निता ठहराय गय हबै, ऊ न तो काज करही अउ न काज करके बिदाई करे जही। 36 अउ ऊ फेरै कबहुन नेहको मरही, काखे कि उन स्वरगदूतन के जसना हबै, ऊ भगवान कर टोरवा हबै, काखे कि ऊ जिन्दा होय हर के टोरवा हबै। 37 अब मरे हर जिन्दा होही या नेहको? मूसा पुडरा कर किस्सा हे गुठेय हबै, कि ऊ परभु के अब्राहम, इसहाक अउ याकूब मरै के, केतका टेम के बाद हे, ऊ भगवान के अब्राहम, इसहाक अउ याकूब के भगवान कथै[d]। 38 ऊ मरे हर के भगवान नेहको, पय जिन्दा मनसे के भगवान हबै, उन सगलू मनसे जउन ओखर लिघ्घो हबै, उन जिन्दा हबै।
39 ई बात सुनके कुछ नियाव के गुरू कथै, हे गुरू तै सही कथस। 40 अउ फेरै ओखर लग कउनो मनसे अउ सबाल पूछय के हिम्मत नेहको कर सकिन।
41 फेर यीसु उनखर लग कथै, “ऊ कथै कि मसीह दाऊद कर टोरवा हबै हइ बात कसना हुइ सकथै?” 42 काखे कि भजन संहिता के किताब हे दाऊद खुदय कथै,
44 “जब दाऊद मसीह के परभु कथै, ता ऊ दाऊद कर टोरवा कसना हुइ सकथै?”
45 मनसे उनखर बात के सुनथै, ता यीसु अपन चेलन लग कथै। 46 नियाव के गुरू मनसे लग चेतन्त रइहा, उनके लम्बा-लम्बा खुरथा पइजामा ओढ के फिरै के निक्खा लगथै, ऊ बाजार हे मनसेन लग नमस्ते लेत फिरत हबै, उनके सभा सम्मेलन हे आगू के जिघा अउ दावत हे निक्खा जिघा पसंद करथै। 47 ऊ बिधवन कर घर लूट लेथै अउ दिखामै के निता लम्बा चवडा बिनती करथै, उनही बोहत लग सजा मिलही।
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