6 तब यीसु उनखर लग कथै, मोर टेम अबे नेहको आय हबै, पय तुम्हर टेम तो कबहुन आय सकथै। 7 दुनिया तोर लग बैर नेहको कर सकथै, बलुक ऊ मोर लग बैर करथै, काखे मै ओखर बारे हे हइ गवाही देथो, कि ओखर काम बेकार हबै। 8 तुम तेउहार के निता जा। मै हइ तेउहार के निता नेहको जहुं, काखे मोर टेम अबे तक पूर नेहको होय हबै। 9 असना कहिके यीसु गलील सहर छो रुक जथै।
14 जब तेउहार के आधा रोज गुजर जथै, ता यीसु बिनती भवन हे जथै, अउ मनसेन के सिक्छा दे लग जथै। 15 तब यहूदी नेता चकित हुइ के कहे लागथै, हइ मनसे कबहुन नेहको पढे लिखे हबै, “एही किताब के ग्यान कछो लग मिले हबै?” 16 यीसु उनही जबाब देथै, हइ सिक्छा मोर नेहको पय ओखर हबै, जउन मोके पठोय हबै। 17 अगर कउ ओखर इक्छा पूर करै के ठान लेही, ता ऊ हइ जान जही कि मोर सिक्छा भगवान के तरफ लग हबै या अपन तरफ लग बोलथो। 18 जउन अपन तरफ लग बोलथै, ऊ अपन निता इज्जत चाहथै, पय जउन ओखर निता बडाई चाहथै, जउन उके पठोय हबै, ऊ सही हबै, अउ ओहमा कउनो खोट नेहको हबै। 19 का मूसा तुमही नियम नेहको दइस, तउभरमा तुम्हर हे कउनो नियम के पालन नेहको करथा, “तुम मोके काखे मार डारै के चाहथा?”
20 मनसे जबाब देथै, तोंही भुतवा लगे हबै, कोन तोके मार डारै के चाहथै? 21 यीसु उनही जबाब देथै, मै अक्ठी काम करे हबो, ता तुम सगलू चकित करथा। 22 सुना, इहै कारन मूसा तुमही खतना करामै के नियम दय हबै, हइ नियम मूसा कर नेहको रथै, बलुक तुम्हर सियानन लग चले आय हबै, तुम सुस्ताय कर रोज हे मनसे के सुध्दिकरन खतना करथा। 23 तुम सुस्ताय कर रोज मनसेन के खतना इहैनिता करथा, कि मूसा कर नियम झइ टूटै, ता तुम मोर उप्पर काखे गुस्सा करथा, कि मै सुस्ताय के रोज अक्ठी मनसे के पूर तरह लग निक्खा कर दयों? 24 मुंह देखके नियाव झइ करा, बलुक सही नियाव करा।
28 तब यीसु बिनती भवन हे सिक्छा देयत पुकार के कथै, तुम मोके जानथा अउ इहो जानथा कि मै कछो लग आय हव, मै अपन इक्छा लग नेहको आय हव, पय जउन मोके पठोय हबै, ऊ सही हबै अउ तुम ओही नेहको जानथा। 29 मै ओही जानथो, काखे मै ओखर इछो लग आय हव अउ उहै मोके पठोय हबै।
30 हइ सुनके उन यीसु के पकडै के चाहथै, पय कउ ओही हाथ तक नेहको लगा पाथै, काखे ओखर टेम अब तक नेहको आय रथै। 31 ऊ भीड मसे बोहत मनसे यीसु हे बिस्वास करथै अउ कहै लागथै, कि जब मसीह आही, ता का एखर लग बोहत चकित के काम दिखाही, जउन हइ मनसेन हे देखाय हबै?
35 यहूदी नेता अपन हे कथै, ऊ कछो जही, कि हम उके नेहको पाबो? का हइ यूनानियन के बीच बसे हर यहूदियन के लिघ्घो जही अउ यूनानियन के सिक्छा देही? 36 ओखर कहै के मतलब काहिन हबै, “कि तुम मोके खोजिहा, पय नेहको पइहा अउ जिहां मै हव, उहां तुम नेहको आय सकथा?”
40 तब भीड मसे कुछ मनसे हइ बात सुनके कथै, सहीमा ऊ ग्यानी मनसे हबै जउन आमै बाले रथै।
41 कुछ मनसे कथै, हइ मसीह हबै, पय कुछ मनसे कथै, का मसीह गलील परदेस लग आही? 42 का पवितर किताब हे हइ नेहको लिखवरे हबै, कि दाऊद के बिरादरी लग अउ बैतलहम गांव लग मसीह आही, जिहां दाऊद रहे करथै। 43 हइ मेर यीसु के बारे हे मनसेन हे फूट पडिस। 44 कुछ मनसे यीसु के पकडै के चाहथै, पय कउ ओही नेहको पकड पाइन।
47 तब फरीसी कथै, का तुमो तो ओखर बहकाबे हे नेहको आय गय हबा? 48 का यहूदी नेता सरदार या फरीसी मसे कउनो ओखर उप्पर बिस्वास करे हबै? 49 पय जउन मनसे किताब के नियम के ग्यान नेहको जानथै ऊ भगवान के पल्ला लग सरापित हबै।
50 नीकुदेमुस जउन पहिले बेर यीसु लग मिलै आथै अउ उन फरीसिन मसे अक्ठी रथै, ऊ उनखर लग कथै। 51 “का हमर नियम कउनो मनसे के, जब तक पहिले ओखर बात नेहको सुन ले अउ हइ पता न लगाय ले कि ऊ काहिन करे हबै? तब उके दोसी ठहराथै।”
52 उन निकोदेमुस के पूछथै, “कहुं तहु तो गलीली नेहको हबस? किताब के पढ अउ देख कउनो ग्यानी मनसे के आमैके गलीली परदेस लग नेहको होथै।” 53 एखर बाद सब कउ अपन-अपन घर छो कढ गइन।
<- यूहन्ना 6यूहन्ना 8 ->
Languages