7 सूर लग नाव दवारा लगेतार यातरा के हम पतुलिमइस हे पहुंचन, अउ भाई के सोगत के उनखर संग अक रोज रथन। 8 अगले रोज हम उहां ले चलके कैसरिया हे आय, अउ फिलिप्पुस संदेस परचारक के घर हे जउन सातठे मसे अक्ठी रथै जाय के ओखर इहां रहै। 9 ओखर चार कुमारी टोरिया रथै, जउन आगू कर बात करथै। 10 जब हम उहां बोहत रोज तक रह चुकन, ता अगबुस नाम के अक्ठी ग्यानी मनसे यहूदिया लग आथै। 11 ऊ हमार लिघ्घो आयके पोलुस के कटिबन्ध लेथै अउ अपन हाथ गोड बांध के कथै, “पवितर आतमा हइ कथै, कि जउन मनसे के हइ खलरी के पट्टा हबै, ओही यरुसलेम हे यहूदी इहैमेर लग बांधहिन अउ दूसर जातन के हाथ हे सवपहिन।”
12 जब हइ बात सुनन, ता अउ उहां के मनसे पोलुस ले बिनती करथन कि यरुसलेम छो झइ जाय। 13 पय पोलुस जबाब दइस, “तुम काहिन कथा रोय-रोय के मोर दिल दुख करे हबै? मै तो परभु यीसु के नाम के निता यरुसलेम हे न केबल बांधे जाय के निता बरन मरै के निता तइयार हबो।”
14 जब ऊ बात मानथै ता हम हइ गुठे के चुप हुइ गयन, परभु के इक्छा पूर होय।
15 कुछ रोज गुजरे के बाद हम अपन समान के बान्धन अउ यरुसलेम छो चल गइन। 16 कैसरिया ले कुछ चेला हमार संग हुइ लइन, अउ हमके मनासोन नाम के साइप्रस के अक्ठी पुरान चेला के इहां लग आथै, कि हम ओखर घर हे रही।
26 हइ मेर पोलुस उन मनसेन के अपन संग लइ आनथै अउ उन मनसेन के संग खुद के अगले रोज सुध्द कर लेथै, फेर ऊ बिनती भवन हे गइस, जिहां ऊ घोसना करिस, सुध्दिकरन के रोज कब पूर होही अउ हमर मनसे हर अकझन के निता बलि कब चढय जही।
30 तब सगलू सहर हे हल्लागुल्ला मच जथै अउ मनसे दउडके अक जिघा होथै अउ पोलुस के पकरके बिनती भवन के बाहिर किढलाय लानथै अउ हरबी दूरा बन्द करे गइस। 31 ऊ उके मारै के सोचत रथै, कि रोमी सिपाही के सेना नायक के लिघ्घो हइ संदेस पहुंचिस कि सगलू यरुसलेम हे खलबली मच गइस। 32 ऊ हरबी बाद सिपाही अउ सेना के अधिकारिन के अपन संग लइस अउ पोलुस हे हमला करै बाले यहूदियन के पल्ला बढिन, यहूदियन जब ऊ सेना नायक अउ सिपाही के देखिस ता उन पोलुस के पीटै के बन्द के देथै। 33 तब सेना नायक पोलुस के लिघ्घो आइस अउ बन्दी बनाय लइस। ऊ उके दुइ सांकड हे बान्ध देय के आदेस देथै, फेर ऊ पूछथै, कि ऊ कउन हबै अउ ऊ काहिन करे हबै? 34 पय भीड मसे कउ कुछ चिल्लात रथै। जब हल्ला गुल्ला के मारे ऊ निक्खा सच्चाई नेहको जान सकथै, ता उके गढ हे लइ जाय के आदेस देथै। 35 जब पोलुस सीढी के लिघ्घो पहुंचथै, ता असना होथै कि भीड के दबाव के मारे सुपाहिन के उठाय के लइ जाय पडथै। 36 काखे मनसेन के भीड हइ चिरलात ओखर पाछू पडे रथै, “ओही मार डाला।”
37 जब ऊ अंगना के भित्तर लइ जाय बाले रथै, कि पोलुस सेनापति के सरदार लग पूछथै, का तै यूनानी भासा जानथस? 38 तै मिस्री तो नेहको, जउन कुछ टेम पहिले बिद्रोह सुरु करवाय रहस अउ जउन हइ रेगिस्थान हे चार हजार अतंकवादी के मदद करथै।
39 पोलुस कथै, “मै किलिकिया के तरसुस सहर के रहै बाले यहूदी यहों अउ अक्ठी परसिध्द सहर के रहै बाले यहों। मै तोर लग चाहथो, कि तै मोके इनखर बीच बोलन दे।”
40 जब ऊ आदेस दिहिस, ता पोलुस सीढी हे ठाड हुइके मनसेन के हाथ ले इसारा करथै। जब उन चुप हुइ जथै ता ऊ इब्रानी भासा हे गुठे लागथै।
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