असना पटपर हबै जेखर लग उन ठोकड खाथै।” उन बचन हे बिस्वास नेहको करैका चाहथै, इहैनिता उन ठोकड खाय के गिर जथै, इहै उनखर नियम हबै[d]।
9 पय तुम अक्ठी चुने हर पुरखा अउ राज पदधारी याजकन के समाज अउ पवितर मनसे अउ भगवान के खास मनसे हबा, जेखर लग तुम ओखर महान कामन के घोसना कर सका, जउन तुमही अंधियार मसे निकार के अपन अथाह उजियार हे बोलाय लय हबै[e]। 10 पहिले तुम कुछु नेहको रहा, पय अब तो तुम भगवान कर मनसे हबा, पहिले तुम दया लग दुरिहां रहा, अब तुम ओखर दया के ओग हबा[f]।
मसीही कहामै बाले
11 हे प्रिजन भाइयो, मै तुम्हर लग बिनती करथो कि तुम अपन खुद के परदेसी अउ यातरी जानके उन दुनिया के लोभ लालच लग जउन आतमा के बिरोध लडथै[g]। 12 आने जात हे तुम्हर चाल चलन निक्खा होय, जेखर लग कि जेखर बारे हे उन तुमही अपराधी मेर जानके बदनाम करथै, तुम्हर निक्खा काम के देखके ऊ आगमन के रोज भगवान कर महिमा करही।
भगवान कर हरवाह
13 परभु के निता मनसेन के दवारा चुने हर, हर अक्ठी सासक के वस हे रहा, चाहे ऊ राजा होय सबले बडा साहब हबै। 14 चाहे ऊ राजपाल के होय, जउन कुकरमिन के सजा पय सुकरमिन के बडाई करै के निता राजा के दवारा चुने गय हबै। 15 भगवान चाहत हबै कि तुम अपन निक्खा काम करै के दवारा उन मूरखन के मुंह बंद करा, जउन बिनमतलब के बात करत रथै। 16 तुम आजाद मनसेन मेर बेउहार करा, पय आजादी के आड हे बुराई झइ करा, बकि भगवान के सेबकन मेर बेउहार करा। 17 सबझन भगवान लग डरा, भाई बेहन लग माया करा, भगवान हे बिस्वास रखा अउ राजा के इज्जत करा[h]।
मसीह हमर उदाहरन
18 हे हरवाह, उन पूरे आदर भक्ति हे अपन गुरुवन के वस हे रहा, निक्खा अउ सही हिरदय बाले गुरुवन के नेहको पय बेकार गुरुवन के इज्जत करा। 19 अगर कउ मनसे धीर लग दुख भोगथै अउ अन्याय सहथै, काखे ऊ समझथै कि भगवान इहै चाहथै, ता हइ बडाई के ओग हबै। 20 अगर तुम अपराध करके मार खाते हबा अउ धीर धरिहा, ता एहमा काहिन बडाई के बात हबै? पय अगर निक्खा काम करके दुख सहै के पडथै अउ तुम उके धीर धरथा, ता हइ भगवान के नजर हे निक्खा हबै। 21 इहैनिता तुमही बोलाय गय हबा, काखे मसीह तुम्हर निता दुख भोगिस अउ तुमही उदाहरन दइस, जेखर लग तुम ओखर बताय हर पद चिन्हा हे चला। 22 यीसु कउनो पाप नेहको करिस अउ न ओखर मुंह लग कउनो मेर गलत बात निकडिस[i]। 23 जब यीसु के गारी दइन, ता सुनके गारी नेहको दइस अउ जब ओही सताय गइस, ता ऊ धमकी नेहको दइस, पय खुद के भगवान कर हाथ हे सउपत दइस, जउन नियाइपन लग नियाव करथै[j]। 24 ऊ अपन देह हे हमर पापन के क्रूस हे लाद लइस, जेखर लग हम पाप के निता मर के नियाइपन के निता जिये लग जइ, तुम ओखरै मार खाय के दवारा तुम नांगा लग निक्खा होय हबा[k]। 25 तुम गेडरन मेर भुलाय गय रहा, पय अब तुम अपन आतमा के मुखिया के लिघ्घो लउट आय हबा[l]।
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