7 हेरेसी सार काय नीकळ्यु? ज की ईस्रायली माणसे तेरी हेर मां हतला, च तीनु काजे नी जड़्यो; बाकुन नेवाड़ला काजे जड़्यो, ने रवला माणसे मन कयड़ावाळा हय गुया। 8 जसों लिखलो छे, “भगवान हीनु काजे आजुन दाहड़े लग बेसकी भारी नीदेन आत्मा मां नाख र्यु, ने असा डुळा आप्यु जे नी देखे ने असा कान्टा आप्यु जे नी सामळे।” 9 ने दावुद कहें,
11 अळतेन मे कहं काय चे हेरेसी ठुकर खाय ती हीटी पड़्या? कदी नी बाकुन हींद्रे पापेन वजे सी नी-यहुदी काजे छुटकारु जड़्यो, की हीनु काजे जळन हवे। 12 हेरेसी कदी हींद्रु गुनु कळी वाटे धन ने तींद्री कमी नी-यहुदी वाटे धनेन वजे हवे, ती तींद्री भरपुर सी ते बेसको काय हय जासे।
16 जत्यार भेटेन पेहलु हीस्सु चुखलु छे, ती चु आखु गुंदलु पीठु बी चुखलु छे; ने जत्यार मुळ चुखली रवसे, ती डाळखा बी असात रवसे। 17 बाकुन कदी ईतराक डाळखा तुड़ीन आंग्ये कर देय, ने तु जंगली जेतुनेन झाड़कान हय्न हींद्रे मां कलम हय गुयु, ने जेतुनेन झाड़कान मुळेन चीकणाय मां साजु हयु, 18 ती डाळखा पर मटाय घुण करे; ने कदी तु मटाय करे, ती ज जाण ले की तु मुळ काजे नी बाकुन मुळ[b] तुसे काजे बचाड़ी रयु।
19 पछेन तु कहंसी, “डाळखा हेरेसी तुड़ी देदला की मे कलम[c] हय जाम।” 20 जी वात छाची छे, की चे ते भुरसु नी करनेन वजे सी तुड़ी देदला, बाकुन तु भुरसा पर बन्लु रव हेरेसी मटाय घुण करे, बाकुन बीहतु रवजी, 21 काहाकी जत्यार भगवान खास डाळखा काजे नी रहणी देदु ती चु तुसे काजे बी नी रहणी देय। 22 हेरेसी भगवानेन दया ने काठायन तीनी वात पर धीयान लागाड़ जे पड़ी गुया हीनु काजे काठायन, बाकुन तारे पर ते दया, कदी हेरे मां बणी रवसी ती नी ते तुसे काजे बी तुड़ी नाखसे। 23 चे बी नी भुरसा मां नी रवसे, ती ते कलम हय जासे; काहाकी भगवान ईनु काजे पछु कलम करसे। 24 काहाकी कदी तु ईना जंगली जेतुन सी, ज सभाव सी जंगली छे, काट नाख्या ने सभावेन वीरुद वारलु जेतुन मां कलम हय गुयु, जे खास डाळखा छे, आपणा जेतुन मां काहनी कलम हय जाय।
28 खुस-खबरेन भाव सी ती तुंद्रे वाटे चे भगवानेन वेरी छे, बाकुन नेवाड़ला भाव सी चे बास डुकरान वजे सी लाटेक्ला छे। 29 काहाकी भगवानेन वाटु ने बुलावणु जलम एक तसों छे। 30 काहाकी जसा तुहुं पेहेल भगवानेन हुकुम नी मान्या, बाकुन हय तेरी हुकुम नी मान्ने सी तुंद्रे पर दया हवे हेरेसी हींद्रे पर बी दया हवे; 31 असात चे बी हय हुकुम नी मान्या, की तुंद्रे पर दया हवे हेरेसी हींद्रे पर बी दया हवे। 32 काहाकी भगवान आखा काजे हुकुम नी माननेन मन बणाय देदु, की चु तींद्रे पर बी दया कर सके।
36 काहाकी हेरेत भीणी सी, ने हेरेत साहरे, ने हेरेत वाटे आखो काय छे। हेरो सेक-सींगार जलम-जलम हवतो रवे। असोत हवे।
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