13 जत्यार छटवु सरग वाळु काहवाळ्यु फेप्यो फुक्यु ती जु सनान चड़ावान जागु भगवान अगळ छे तींद्रा सींगड़ा मां सी मे असु अवाज सामळ्यु, 14 मानु कुय छटवु सरग वाळा काहवाळ्या सी, तेरे धड़े फेप्यो हतलो कह्णे बाजी र्यु, “तीनु चारु सरग वाळा काहवाळ्या काजे मट्ली नदी फरात धड़े बांदायला छे, खुल दे।” 15 ने चे चारु सरग वाळा काहवाळ्याक छुड़ी देदा जे तीनी घड़ी, ने दाहड़ु, ने महना, ने साल भर वाटे माणसेन तीन हीस्सा मायन एक हीस्सा काजे मार नाखणे करीन तीयार करला हतला। 16 तींद्री सीपायड़ान सवारीन गिन्ती वीस कुरुड़ हतली; मे तींद्री गिन्ती सामळ्यु। 17 ने मेसेक चे घुल्ला ने घुल्ला पर बठी रवला देखाव पड़्या, तींद्री छाती पर लुहड़ान झीलम्या आकठान तसा रातला, नीलमणीन तसा नीळ्ळा, ने गन्धकेने तसा पेळ्ळा हतला, तीनु घुल्लान मुणका नाहरेन तसा हतला: ने तींद्रा मुंहडा सी आकठो, कुळु, ने गन्धक नीकळतेलो। 18 ईनु तीनु रुग्टान; मतलब आकठो, कुळु, गन्धक सी, जो तींद्रा मुंहडा सी नीकळतेलो, माणसेन तीन हीस्सा मायन एक हीस्सु माराय गुया। 19 काहाकी तीनु घुल्लान ताकत तींद्रा मुंहडा, ने तींद्रा छेम्टा मां छे; काहाकी तींद्रा छेम्टा घड़सान तसा हतला, ने तीनु छेम्टान मुणका बी हतला, ने तींद्रे सीत चे नुकसाण करे।
20 रवला माणसे जे तीनु हाड़ाम सी नी मर्या, आपसा हातेन कामे सी मन नी फेरव्या, काहाकी भुतड़ान आत्मान, ने सनो, चांदी, पीतळ, दगड़ु, ने धुळान मुरतीन पुजा नी करे, जे नी देखे, नी सामळे, ने नी चाल सके। 21 ने जे खुन, ने जादु टुणा, ने छीनाळो, ने चुरी, चे करला हतला, तींद्रे सी मन नी फेरव्या।