4 जे चेत जेतुनेन दुय झाड़का ने दुय दिवा छे, जे धरतीन मालीक अगळ उबा रहे। 5 ने कदी काहनुक तीनुक नुकसाण करने चाहसे, ती तींद्रे मुंहडा सी आकठो नीकळीन तींद्रा वेरी काजे नास करे, ने कदी काहनुक तीनुक नुकसाण करनु चाहसे, ती छाचली ईनीत रीती सी माराय जासे। 6 तीनुक हक छे, की सरग काजे बंद करे, काहाकी तीनुक भगवानेन खबर फेलावणेन दाहड़ाम पाणी नी पड़े, ने तीनुक आखा पाणी पर बी हक छे, की तीना पाणीक लुही बणावे, ने जत्यार चाहे तत्यार धरती पर आखी भातीन गरा लावे।
7 जत्यार चे आपसी गवाय दी देसे, ती चु जनवार्या जु उंडला कुंड मां सी नीकळसे, तींद्रे सी लड़ीन तीनुक जीतसे ने तीनुक मार नाखसे। 8 ने तींद्रा धड़ तीना मटला सहरेन गळ्या मां पड़ला रवसे, जु आत्मान रीती सी सदोम ने मीसर कहवाये, जां तींद्रु मालीक बी कुरुस पर चड़ावलु हतलु। 9 ने आखा माणसे, कुळी, बुली, ने जाती मां सी माणसे तींद्रा धड़ काजे साड़ी तीन दाहड़ा लग देखता रवसे, ने तींद्रा धड़ काजे गाड़नी नी देसे। 10 ने धरती मां रहणे वाळा तींद्रे मरने सी खुस हवसे, ने एक दीसरा काजे नेवता मकलसे, काहाकी जे दुय अघली वात बताड़ने वाळा धरती मां रहणे वाळा काजे दमला छे। 11 बाकुन साड़ी तीन दाहड़ान पछेन भगवान सी आवलु जीवनेन दम तेरेमां आय गुयु; ने चे आपसा पायेन भुरसे उबा हय गुया, ने तीनु देखणेवाळा पर मटलो बीहाणो भराय गुयो। 12 ने तीनुक सरग सी एक मट्ली अवाज सामळाय, “जां उपर आवु!” असो सामळतात चे वादळा पर सवार हय्न आपसान वेरी काजे देखता-देखता सरग पर चहड़ी गुया। 13 ने तीनीत घड़ी धरती बेसकी हालने लागी, ने सहरेन दस हीस्सा मायन एक हीस्सु उदरी गुयु; ने धरती हालने सी सात हजार माणसे मर गुया ने रवला सीयारी ली लेदा, ने सरगेन भगवानेन सेक-सींगार कर्या।
14 सामळु दीसरी गरा वीत गुय; तत्यार, तीसरी गरा मामारुत आवणेवाळी छे।
19 ने भगवानेन जु मंदीर सरग मां छे, उघाड़ी देदा, ने मंदीर मां भगवानेन बुलेन पेटी देखाय, वीजळ्या, अवाज, गाजण ने धरती हाली, ने बेसकु पाणी पड़्यु।
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