1 ए मारा लाटेक्ला भायस्यो ने बहणस्या, मारु जीव तुंद्री हेर कर रयु, ने तुहुंक देखणे करीन कलपी र्यु। तुहुं मारी खुसी ने ईज्जत आपणी पागड़ी साय छे; ने जसु मे तुहुंक सीकाड़लु तसात तुहुं मालीक ईसु मां टणका रहु।
4 मालीक ईसु मां जलम लग खुस रहु। मे अळी कहो की खुस रहु।
5 तुहुं आखा माणसे अगळ [a]भुळा-भाळा बणु। काहाकी मालीक ईसुन पछो आवणु धड़ेत छे। 6 काहनी बी वातेन फीकुर मां करु, बाकुन हरेक वातेम भगवान काजे, बेसकु वारु कवता जाय्न दुवा ने लीलघाय्न भगवान अगळ आवु। 7 तत्यार भगवानेन सांती, जी हामरी आखी समज सी बाहर छे, ची तुंद्रा मन ने, वीच्यार काजे ईसु मसी मां राखवाळी करसे।
8 तेरेमां मे कहो की भायस ने बहणस्या, भगवानेन नींगा मां, ने माणसेन नींगा मां, जो काय छाचलो छे, ने जो काय ईज्जतेन लायक छे, ने जो काय वारलु छे, ने जो काय चुखलो छे, ने जो काय मनेक भावे तसों छे। ने जो काय बड़ायन लायक छे, ने जे काय वारलु गुणे छे, ईनुत वाते पर मन लागाड़्या करु। 9 ने जी वात तुहुं मार सी सीक्या। ने मान्या, ने सामळ्या, ने मारेम देख्या, तीनुत वात पर तुहुं बी चालता रवजु, तत्यार भगवान, जु सांतीन झोर छे।
14 कसा बी तुहुं मारी कड़की मां मारी सात दीन मारो भलो कर्या। 15 ए फीलीपी मंडळी वाळा जसा की तुहुं खुदुत काजे मालम छे, की जत्यार खुस-खबर सामळावणे करीन मे तुंद्रेन्चां आय्न तुंद्रा मकीदुनीया जीलाम सी नीकळीन दीसरे जागे गुयलु, तीनु सुरु वाळा दाहड़ाम तुहुंक छुड़ीन दीसरी काहनी बी ईसुन मंडळी, लेण-देण मां मारी सात नी देदा। 16 तुंद्रा मकीदुनीया जीलाम सी नीकळनेन पेहले बी, जत्यार मे थीसलुनीकी सहर मां हतलु, तत्यार बी तुहुं मारी मदत करने करीन, ईनीत रीते दुयेक कावा मार वाटे दान करला पयस्या भेळा करीन दी मकल्या। 17 जी वात नी हय, की मे तुंद्रा दान करला पयस्यान मरजी राखु; बाकुन मारी मरजी जी छे की, तुहुं पयस्या दान करता आय रया करीन, भगवान तुहुंक बरकत आपी आपीन तुंद्रु नफु अदुस बड़ावतु जाय। 18 हय मेसेक जो चाहजे चो आखो मार धड़े छे, ने अदु बी छे; तुहुं एप्रादीत्यान हाते जे दान करला पयस्या दी मकल्या, तीनु दान करला पयस्या काजे लीन मे बेसकु खुस हय गुयु ने आफरी गुयु। चे दान करला पयस्या ते तीनी सुहरी-सुहरी ने सवादी-सवादी गंदायणी बादा साय छे, जी बादा भगवान काजे चाहजे ने माने असी छे। 19 ने मारु भगवान बी धन मां सी जी सेक-सींगार भेळी मसी ईसु मां छे, चां सी तुहुंक जो काय चाहजे चो आखो देसे। 20 आपणा भगवान बासेन सेक-सींगार जलम पीड़ीडीट हवती रहणु चाहजे! आमीन।
23 ने आपणा मालीक ईसु मसीन गीण-दया तुंद्री आत्मा पुठ्ये रहणु चाहजे।
<- फीलीपी 3- a कोमलता
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