1 ईसु पछु तींद्रा यहुदीन भक्तीन घर मां गुयु; चां एक माणुस हतलु, तेरु हात सुकी गुयलु, 2 थुड़ाक फरीसी माणसे ईसु पर झुटु ईल्जाम लागाड़नेन तकाय रवला, ने चु आरामेन दाहड़ान नीयम तुड़ीन, जु मांदला काजे वारु करे, की नी करे असा करीन चे भाळी रवला। 3 ईसु सुकला हात वाळा माणुस सी कह्यु, “माणसेन ईचमां उबु हय जां।” 4 ने ईसु माणसे काजे पुछ्यु, “काय आरामेन दाहड़े नीयमेन अनसारे वारु करनु की बुरो करनु वारु छे, जीवेक बचाड़नु की मारनु वारु छे?” बाकुन चे माणसे हुगात हय रवला। 5 चे मन मां बेसका उदास हतला, करीन ईसु बेसकु दुखी हय गुयु, ने चे रीसवायन चारेमेर तीनु काजे देख्यु। ने ईसु तीना काजे कह्यु “तारु हात लांबु कर।” ने चु हात लांबु कर्यु, ने तेरु हात वारु हय गुयु। 6 तत्यार फरीसी माणसे बाहार जाय्न तत्यारुत हेरोदेस राजान माणसे बेसका असा वीच्यार करने बाजी गुया, की हामु ईसुक कसा करीन मारजे।
12 ने ईसु तीनुक चेतायु की, मेसेक उजन्तु घुण करु करीन कह्यु।
13 पछेन ईसु एक बयड़ा पर जाती रयु, ने गमे तीनाक तेरे धड़े बुलायु; ने चे तेरे धड़े आया। 14 तत्यार ईसु बारे जणा मारे पुठ्ये रहु, करीन नेवाड़ लेदु ने तीनुक नेवताळा छे करीन नाव देदु, ने चे परचार करने गुया, 15 ने माणसे मां सी भुतड़ा नीकाळनेन हक आपीन मकल्यु।
16 चे जे छे: सीमोन तेरो नाव चु पतरस राख्यु, 17 ने जब्दीन पुर्या याकुप ने याकुपेन भाय युहन्नु, तींद्रा नाव हयु, बुअनरगीस मतलब गाजणे वाळान पुर्यु राख्यु, 18 ने अन्दीरीयास ने फीलीप्पुस, ने बरतुल्मे, ने मत्ती ने थोमा, ने हलफाईन पुर्यु याकुप, ने तद्दे ने अळी सीमोन कनानी चु देसेन सेवा करने वाळु हतलु, 19 ने यहुदा ईस्करीयोती चु ईसु काजे धुकु दीन धराड़ देदलु।
20 तत्यार बयड़ा मां सी ईसु घर आयु। ने चां बी माणसे बेसका भेळा हय गुया; ईसु ने तेरा चेला काजे रुटा खाणेन बी टेम नी जड़ी। 21 जत्यार हेरा कुटुम वाळा ईसुन बारामां माणसे असा कवतेला की “ईसु संक्यु हय गुयु।” असा करीन ईसुन घरना ईसु काजे घर बुलावणे करीन चाल पड़्या।
22 यरुसलेम सी आवला थुड़ाक नीयमेन मास्तर्या बी कह्तेला की, “हेरे मां ते भुतड़ा छे,” ने “जु ईसु भुतड़ा काजे ढासाड़ने करीन डाहला भुतड़ान साहरु लीन भुतड़ा काजे माणसेम सी नीकाळे।”
23 तेरेमां ईसु तीनु काजे धड़े बुलायन दाखलु दीन तीनुक कह्यु, “भुतड़ु कसु भुतड़ा काजे नीकाळी सके? 24 कदी काहनाक देस टुट जाय ने लड़ाय हवे, ती च राज कसों संय रय सके? 25 ने कदी काहनाक घरेन माणसे मां लड़ाय हवे, ती चो घर कसों संय रय सके? 26 तेरेमां कदी भुतड़ान राज टुट जाय, ती तेरो राज्य कसों बणीन रवसे? तीनाक ते मरनु पड़से।
27 “बाकुन काहनु बी माणुस काहनाक ताकतवाळान घर मां भरायन तेरो समान कसु लुटसे, तत्यार लग की चु पेहेल तीना ताकतवाळा काजे बांदी नी लेय; तीत तेरा घर काजे लुट सके।
28 “मे तुंद्रे सी छाचलीन कहं, की माणसेन आखा पाप ने नाव-बद्दी करे, तेरी माफी जड़ जासे, 29 बाकुन जु काहनुक चुखली-आत्मान नाव-बद्दी करसे, तीनुक कदी पापेन माफी नी जड़े, बाकुन चु जलम पापेन गुनेगार रवसे।” 30 “काहाकी चे असा कह्तेला की ईसु मां भुतड़ान आत्मा भराय रय।”
31 तत्यार ईसुन माय ने भायस आया, ने बाहरुत उबा रय्न ईसु काजे बुलावणे करीन घर मां दीसरा काजे मकल्या। 32 माणसे तेरे आड़े-धड़े बसी रवला, चे कह्या “देख तारी माय ने तारा भायस ने बहणस्या तुसेक बाहार हेरी रया।”
33 ईसु जपाप आप्यु, “मारी माय ने मारु भायस कुण छे?” 34 ने ईसु चां आड़े-धड़े बसी रवला, तींद्रे चारे मेर भाळीन कह्यु “सामळु, जे अतरात मारी माय ने मारु भायस छे। 35 जे कुय भगवानेन मरजी पर चाले, चु मारु भायस ने मारी बहणीस ने माय छे।”
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