1 “मे तुहुं काजे जी आखी वात असु करीन कह्लु, छे की जत्यार माणसे तुहुंक वेला पाड़से, तत्यार तुहुं मार पर भुरसु छुड़ीन भटकाड़्यु घुण। 2 माणसे तुहुं काजे तुंद्रा भक्तीन घर मां सी नीकाळीन बाहर कर देसे, ने छाचलीन जी टेम आवणे बाजी रय की, माणसे ज समजीन तुहुंक मारसे की हामु ईनुक मारीन भगवानेन सेवा चाकरी कर र्या। 3 छाचलीन चे भगवान बासेक बी नी उळखे, ने मेसेक बी नी उळखे, ने चे तुंद्रे साते असा वेहवार करसे। 4 मे तुहुंक जी आखी वात असु करीन कह्लु छे, की जत्यार चे तुहुंक वेला पाड़से, ती तुहुं काजे आखी वात हेर[a] आवणु चाहजे की, मे तुहुंक जी वात पेहलुत कयदीन काठु करलु छे।” अतरा दाहड़ा मे तुंद्रे पुठ्ये हतलु करीन मे जी आखी वात सुरु मां नी कह्यु।
12 तुहुंक कहंणे करीन अळी बेसकी वात मारा मन मां आय रय बाकुन हींताळ कयस ती तुहुंक वेठाये नी। 13 जत्यार चु छाचलीन जीव-आत्मा आवसे, ती चु तुहुंक भगवानेन आखी छाचली वाटे ली जाणे अगवाय करसे काहाकी चु आपसे आवड़ते काय बी नी कह्वे, बाकुन चु ज काय मारे सी सामळसे चत कवसे ने आवणे वाळी वातेन बारामां बी तुहुंक देखाड़से। 14 चु मारी सेक-सींगार करसे, काहाकी ज काय मारो छे च बताड़से, ने आखी चीज जी बासेन छे ची मारी छे। 15 तेरेमां मे कह्यु की ज काय भगवान बासेन छे, च आखो मारो छे चु तीनाक लेसे ने तुहुंक बताड़से।
17 ने ईसुन चेला मायन ईतराक चेला आपसा आपसात कह्या, “हयु आपणुक काय कय र्यु, च आपणुक समज मां नी आवतो हयु कह्यु की ईतरीक वार मां तुहुं मेसेक नी देखु ने अळतेन अळी ईतरीक वार मां तुहुं मेसेक देखसु चु ईतरीक वार पेहेले असु बी कह्लु, काहाकी मे भगवान बासेन चां जाणे हींडी र्यु।” ईनी दुय वातेन मतलब काय छे। 18 चे कह्या हयु ईतरीक वार मां कहें च काय कहंवाये हामुक समज मां नी आवतो की हयु हामुक काय कय र्यु।
19 ईसु ज जाण लेदु की हया मेसेक मारी ईनीक वातेक लीन सवाल पुछणे हींडे की ईतरीक वार मां तुहुं मेसेक नी देखु, ने अळी ईतरीक वार मां तुहुं मेसेक देख्सु करीन ईसु तीनुक कह्यु, “तुहुं आपसा-आपसा मारी ईनी वातेन बारामां वीच्यार काहा कर र्या? 20 मे तुहुंक छाची छाचीन ज कहं, ईतरीक वार मां तुहुं रड़सु ने कलेपसु बाकुन ईनी कळीन माणसे खुस हवसे, ने हय तुहुं दुखी हवसु ते खरा बाकुन अळतेन तुहुं दुखी हवणु रहणीदीन खुस हय जासु।” 21 “भारीस बायर फवरी हवणे वेळाय बेसकी वेला करीन कलपे, बाकुन जत्यार ची फवरी हय जाय ती, बेसकी खुस हवे। हय ईनी कळी मां एक पुर्यु पयदा[b] हवलु, करीन ची एक वेलान वात काजे ईसरी जाय।” 22 असात हय ते तुहुं बी दुखी छे, बाकुन मे अळी तुहुंक भेळु हय्स तत्यार तुंद्रा मन मां खुसी आय जासे, ने तुंद्री खुसी तुंद्रे सी कुय सी नी हापकाये।
23 तीने दाहड़े तुहुं मारे सी काय बी नी पुछु मे तुहुं काजे छाची-छाची कह्वो, कदी तुहुं भगवान बास सी मारे नावे दुवा करीन काय बी मांगसु, ती चु तुहुं काजे आपसे। 24 आज लग तुहुं मारे नावे दुवा करीन काय बी नी मांग्या। मांगसु, ती भगवान तुहुंक आपसे, असु करीन की तुंद्री खुसी पुरी हय जाय।
29 ईसुन चेला ईसु काजे कह्या, “देख, तु हय दाखलु दीन नी कवतु बाकुन चुखो झण कह्णे बाजी र्यु। 30 हय हामु समजी गुयला छे की, तु आखो काय जाणे। हामु तुसेक ज पुछणे हींड र्या तीनी वातेक बी तु पेहल सीत जाणी लेय ने तु जी हेर नी करतु की कुय तुसेक पुछणु चाहजे, तारेम काय बी कसर नी हय ने हामु भुरसु करजे की तु भगवान बास सी आवलु छे।”
31 ईसु तीनु काजे कह्यु, “काय तुहुं हय भुरसु करु? 32 बाकुन देखु! असी टेम आवणे बाजी रय ने आय गुयली छे, जत्यार तुहुं आखा की आखा रावण्या-तीवण्या हय जासु ने मेसेक एखलुत छुड़ीन जाती रवसु। तेबी मे एखलु नी हय काहाकी भगवान बास मार पुठ्ये छे।” 33 “हय, ईनी कळी मां तुहुंक वेला करनु पड़से तेबी काठु जीव करजु, मे ईनी कळीक जीत लेदलु छे। मे तुहुं काजे जी आखी वात असु करीन कह्लु छे की, आवणे वाळा दाहड़ाम दुख झेलता जाय्न बी तुहुं मारेम छे ची सांती हात कर लेय।”
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