1 हेरेसी आवु आपणु ईसु मसीन सुरु वाळी सीकापण काजे पाळता जाय्न अळी अगा पुरा-पुरा पाक्का हवता जाजे, ने मरला काम सी मन फीरवीन भगवान पर भुरसु करजे, 2 ने अळी-अळीन बपतीस्मा लेणेन सीकापण लेणु, ने अळी-अळीन हात मेलीन वीन्ती करनेन सीकापण लेणु, अळी-अळीन मर्या-सर्याम सी जीवता हवणेन सीकापण लेणु, ने अळी अळीन आकरी नीयाव हवणेन ने अमर जीवनेन बारामां सीकापण लेणु। 3 ने कदी भगवान चाहे ती हामु चत करजे।
4 काहाकी जे एक कावा भगवानेन वीजाळो हात कर लेदा, ने सरगेन वाटु हात कर लेदा, ने चुखला जीव-आत्मान वाटु हात कर लेदा। 5 ने भगवानेन वारलु बुल हात कर लेदा, ने आवणे वाळी नवली कळीन ताकतेन बारामां जाण लेदा। 6 कदी चेत भुरसा सी छेटा हय्न भटकी जाय, ती तीनुक पाप भीणी सी मन फेरवीन भगवान भीणी वाळनु ने पछा भुरसा मां लावणु, बेसको काठो छे। काहाकी भगवानेन पुर्यु ईसु काजे आपसा वाटे एक कावा अळी कुरुस पर चड़ावे, ने तेरे पर उजेंतु गुनु लागाड़े।
7 एक खेतेन दाखलान साहरे तुहुं जी वात अळी वारु जाण सक्सु। धुळु ते वरसातेन पाणी काजे अळी-अळीन चुसे, ने जे किरसाण हळ जुपीन तीना खेतेक सेडे ने वेरे तींद्रे वाटे च मेर लावे, असु करीन चो खेत किरसाण्या वाटे भगवानेन वगे सी संयबरकत लावे। 8 बाकुन कदी ची जागा पाणी काजे अळी-अळीन चुसे ने किरसाण्या तीना खेतेम वारु काम करे, तेबी चो खेत तींद्रे वाटे काटासळ्या झाड़का ने गखर्या उंगाड़े, ती चो खेत किरसाण्या वाटे रीकामो ने गरा वाळो छे, ने आकरी कावा तीना खेतेक चे धपाड़ देसे तसुत ईसुन भुरसु छुड़न्या माणसे काजे भगवान नरक आकठा मां डंड आपसे।
9 ए लाटेक्ला, हामरे उपर लिखली वात सामळीन भणीन भळ जीव करसे; तेबी हामु तुंद्रे वाटे वारलु आस कर रया। हामुक पाक्कु भुरसु छे की, भगवान तुहुंक छुटकारा पुठ्ये आवणी आखी, संयबरकत आपसे। 10 काहाकी भगवान बयमान नी हय। तुहुं ते भगवानेन नावे, भगवानेन चुखला माणसेन मदत करीन परम देखाड़्या। ने हय बी परम करने बाजी रया। भगवान ते तुंद्रा ईनु कामेक ने दीसरा वारलु काम काजे कदी नी भुले। 11 तेरसी हामरी जी हर छे की, तुंद्रे मायन एकेक जणु मरता लग असुत काठी मेहनत करनु चाहजे। ती तुहुं छाचलीन तेरी आस कर रया च तुहुं काजे जड़ जासे। 12 हामरी जी मरजी छे की, तुहुं उजग्या घुण टेवायु। बाकुन तुहुं तीनु माणसेन तसा चालु, जे भगवान पर भुरसु करीन ने गम खाय्न ची आखी बरकत हात करने वाळा छे, ची बरकत आपणेन वायदु भगवान करलु छे।
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