7 बाकुन जसु ईसु मसीन आपणी गीण-दया सी नक्खी कर्यु, तसुत चु आखा काजे आंग्ये वाटु आपलु छे। 8 जसु खरला सास्तुर मां लिखलो छे,
9 चु उपर गुयु तेरो मतलब छे की चु धरतीन उंडला जागा मां बी उतरीन गुयलु।[a][b] 10 ने जु नेचली धरती मां उतरीन गुयु, चु की चु आखा सरगे सी उपर जात रयु, असु करीन चु आखान मालीक बण जाय। 11 ने ईसु उपर सरग मां चहड़ीन मंडळी वाटे जे आटा आप देदु, काहनास काजे नेवताळु, ने काहनास काजे भगवानेन अघली वात बताड़ने वाळा माणसे, ने काहनास काजे खुस-खबर सामळावन्या बणायु, ने काहनास काजे राखवाळी करन्या ने सीकापण आपण्या बणावीन मंडळी काजे आप देदु। 12 चुखला माणसे काजे सेवा करनेन तीयारी करने करीन ने चुखली मंडळीन ईसु मसीन डीलेन तसी ची वारु अधणु चाहजे करीन, ईसु मसी जे वाटा मंडळी काजे आप्यु। 13 असु करीन आपणु आखा की आखा काजे, भगवानेन बेटा ईसुन अक्कल मां, ने तेरे पर भुरसा मां, एक माणुस बणीन पुरा की पुरा पाक्कात बण जासु, जसु ईसु मसी पुरु की पुरु पाक्कु छे, जीत भगवानेन युजना छे। 14 असा करसु ती आपणु अगा नानला पुर्या नी रवजे, ठगण्या माणसेन ठग वीद्या सी ठगायजे नी, ने गलत सीकाड़ने सी, अथा ने अथा नी भटकायजे; 15 बाकुन परम सी छाचली वात देखाड़ता जाय्न ईसु मसीन तसा, आखी वाते मां अदता जासु, जु मंडळीन मुणको छे। 16 ने ज मुणको आखा डीलेक चालाड़ने ने ज डील आखा नस्टा सी, ने हाटका सी जुड़ायलो रहे, ने डीलेन आखा हीस्सा आपणा-आपणा काम करता जाय ने आखो डील अधीन आपसोत पुसाये। तसा मंडळीन माणसे एक दीसराक परम करता जाय्न आपसु-आपसु काम करे ने असु करीन मंडळी बी अधीन पुसाये।
20 बाकुन तुहुं काजे ईसु मसीन बारामां असी सीकापण नी जड़्यो। 21 छाचलीन तुहुं ईसुन बारामां सामळ्या तत्यार तीनी छाचाय सी सीकापण काजे सीकला छे; जी ईसुन जीवेम उजेंती हय। 22 ती तुहुं काजे तुंद्री जुन्ली चाल-चलण ने जुन्ली टेव छुड़ देणु चाहजे, काहाकी चो जीवन ते भटकाड़ने वाळा भुंड्ला वीच्यारे सी बीगड़ती जाय रय। 23 तुंद्रा मनेन वीच्यार नवला करने करीन, आत्मा काजे तुंद्रे मां काम करनी देवु। 24 ने एक नवला जीवनेन टेव धरु, जी भगवानेन सीके घड़ायली छे, ने छाचलीन धरमी ने चुखली छे।[c][d]
25 आपणु एक दीसरान डील छे, ने तुहुं झुट मेलनु छुड़ देवु, ने एक दीसराक छाचली वात कहुं।[e][f][g] 26 कदी तुहुं रीसवाय जावु, ती पाप घुण करु, दाहड़ु बुडणेन पेहले आपसी रीस सेळवी लेजु; 27 ने भुतड़ा काजे मुखु घुण आपता।[h] 28 तुंद्रे मायन काहनुक चुरी करता हय, ती चु चुरी करनु छुड़ देणु चाहजे, ने ईमानदारी सी वारलु काम करीन कमाय्णु चाहजे; ने असो काम करसे ती तेरे भीणी बी कसराय्ला माणसे वाटे देणे करीन बी रवसे। 29 तुंद्रा मुंहडाम सी फालतु वात नी नीकळनु चाहजे, बाकुन तीनी टेमे वारलु काम मां अधे तसली सुवाळी वात नीकळनु चाहजे, तेरेसी सामळने वाळा पर बी गीण-दया हवे। 30 ने भगवानेन जीव-आत्मा काजे दुखी मां करु, ईना चुखली-आत्मा सी तुंद्रे पर छुटकारान छाप छे।[i] 31 तुहुं जीवनेन आखी कड़वान, रीस, जखड़ी पड़नु, दीसरान नाव-बद्दी करनु, ने आखी भातीन कुहराय, तुहुं ईनुक ईचमां सी छेटे कर देवु। 32 बाकुन एक दीसरा पर गीण करु, ने परम करु, जसु भगवानेन, ईसु मसी वाटे, तुहुं काजे माफ कर देदलु छे, तसात तुहुं बी एक दीसरा काजे बी माफ कर देवु।
<- ईफीसी 3ईफीसी 5 ->
Languages