6 बाकुन मे गुयो कह्वो चो माननेन[b] छे नी की हुकुम। 7 मे ज्य चाहो की जसु मे छे, असुत आखा माणसे हवे; बाकुन आखा एक काजे भगवान भीणी सी खासकरीन वाटु जड़ला छे काहालाक काजे काहलाक रीती सी, ने; काहालाक काजे काहालीक रीत सी जड़लो छे।
8 बाकुन मे नी-ईयाव करला ने रांडायलान[c] बारामां कह्वो की हींद्रे वाटे असोत रह्वणु वारु छे, जसु मे छे। 9 बाकुन कदी चे खुद नी कर सके, ती ईयाव करे; काहाकी ईयाव करनु मन मां तरसायणे सी वारु छे।
10 तींद्रु ईयाव हय गुयु, हीनुक मे नी, बाकुन मालीक हुकुम आपे की बायरी आपणा अदमी सी छेटी नी रवणु चाहजे; 11 ने कदी छेटा बी हय जाय, ती अळी दीसरा सी ईयाव घुण करु; नीते आपणा अदमी सी अळी मेळी जावु ने नी अदमी आपणी बायरी काजे छुड़े।
12 दीसरा सी मालीक नी बाकुन मेत कय र्यु, कदी काहानाक भायसेन बायरी भुरसु नी राखे ने तेरे साते रह्वणे सी खुसी हवे, ती चु हीनीक नी छुड़े। 13 जीनी बायरीन अदमी भुरसु नी राखे, ने हेरे साते रवणे सी खुसी हवे; ची अदमी काजे नी छुड़नु चाहजे। 14 काहाकी असु अदमी जु भुरसु नी राखतु हय, चु बायरीन वजे सी चुखलु रवे; ने असी बायरी जी भुरसु नी राखे, अदमीन वजे सी चुखली रवसे; नी ते तुंद्रा पुर्या-पारी वीटेळ्ळा हवता, बाकुन हय चे चुखला छे। 15 बाकुन जु अदमी भुरसु नी राखे, कदी चु आंग्ये हवे ती आंग्ये हवणी दे, असी टेम मां कुय भायस नीते बहणीस गुलाम नी हय। भगवान हामुक सांती मां रवणे करीन बुलावलु छे। 16 काहाकी ए बायरी, तु काय जाणे की तु आपणा अदमीन छुटकारु कराड़ लेसी? ने ए अदमी, तु काय जाणे की तु आपणी बायरीन छुटकारु कराड़ लेसी?
26 हेरेसी मारी समज मां ज्य वारु छे की आज काल दुखेन वजे सी, माणुस जसु छे असुत रवे। 27 हेरेसी कदी तारी बायरी छे, ती छेटु हवणेन वीच्यार मां करे; ने कदी तारी बायरी नी हय, ती बायरीन हेर मां करे। 28 बाकुन कदी तु ईयाव बी करे, ती पाप नी हय; ने कदी कुवारली साते ईयाव हय जाय ती कुय पाप नी। बाकुन असला काजे डीलेन दुख हवसे, ने मे बचाड़ने चाहो।
29 ए भायसे, मे ज्य कह्वो की टेम कम कर देदलो छे, हेरेसी चाहजे की तींद्री बायरी रवे, चे असा हवे मानु की हींद्री बायरी नी हय; 30 ने रड़ने वाळा असा हवे, की मानु रड़े नी; ने खुसी करने वाळा असा हवे, की मानु खुसी नी करे; ने मुल लेणे वाळा असा हवे, की मानु हींद्रे धड़े काय नी हय। 31 ने हीनी कळी साते एहवार करने वाळा असो हवे, की कळीन ने ती हय जाय; काहाकी हीनी कळीन रीती ने एहवार बदलता जाय।
32 अळतेन मे ज्य चाहो की तुहुंक फीकुर नी हवे। नी ईयाव करलु अदमी मालीकेन वातेन फीकुर मां रवे की मालीक काजे कसु खुस राखे। 33 बाकुन ईयाव करलु माणुस कळीन वातेन फीकुर मां रवे की आपणी बायरी काजे काहाली रीत सी खुसी करे। 34 ईयाव करला ने कुवारली मां बी छीट छे; कुवारली मालीकेन फीकुर मां रवे की चु डील ने आत्मा दुयु मां चुखला रवे, बाकुन ईयाव करली कळीन फीकुर मां रवे की आपणा अदमी काजे कसी खुस राखे।
35 मे जी वात तुंद्रेत फायदान वाटे कह्वो, नी की तुहुंक फसाड़ने वाटे, बाकुन हेरेसी की जसु सुभु देय असो कर्यो जाय की, तुहुं एक मन हयन मालीकेन सेवा मां लागी रवु।
36 कदी कुय ज्य समजे की मे आपणी हेनी कुवारीन हक काजे मारी र्यु, ती जेरो जुवानी ढळी रय, ने जरुड़ी बी छे, ती जसों चाहे असात करे, तेरेमां पाप नी हय, चु हेरु ईयाव हवणी देय। 37 बाकुन जो मन मां नक्खी कर लेय, ने हीनाक जरुड़ी नी हय, बाकुन आपणी मरजी पर हक राखो, ने आपणा मन मां जी वात ठाणी ले की चु आपणी कुवारी पुरे काजे ईयाव नी हवणी देय, चु वारु करे। 38 हेरेसी जु आपणी कुवारीन ईयाव कर देय, चु वारु करे, ने जे ईयाव नी करे, चु अळी बी वारु करे।
39 जत्यार लग काहालीक बायरीन अदमी जीवतु रवे, तत्यार लग चु हेरेसी बांदायली छे; बाकुन कदी तेरे अदमी मर जाय, ती जेरेसी चाहे ईयाव कर सके बाकुन सीरप मालीक मां। 40 बाकुन जसी छे कदी असीत रवे, ती मारे वीच्यार मां अळी बी बेसकु वारु छे; ने मे समजो की भगवानेन आत्मा मारे मां बी छे।
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