6 तुंद्रो मटाय करनु वारु नी हय; काय तुहुं नी जाणु की ईतरोक खाण्यु-सुडु आखा गुंदला पीठा काजे आथुड़ कर देय। 7 जुन्डला आथुड़ काजे नीकाळीन आपणे खुद काजे चुखा करु की नवलु गुंदलु पीठु बणी जावु; काहाकी तुहुं आथुड़ वाळा नी हय। काहाकी हामरु बी तीहवार, जु मसी छे, बादान रुप मां चड़ गुयु। 8 हेरेसी आवु, हामु खुसी मां खुसी मनावजे, नीते जुन्डला आथुड़ सी ने नी कुहराय ने भुंड्ला आथुड़ सी, बाकुन सय ने छाचाय्न आथुड़ पाकुर बन्नला रुटा सी।
9 मे मारी चिट्ठी मां तुहुंक लिखलु छे की छीनाळ्यान संगत घुण करे। 10 ज्य नी की तुहुं सय मां हीनी कळीन छीनाळ्यान, नीते लालच्यान, नीते आंदारलो करने वाळान, नीते मुरती पुजणे वाळान संगत नी करनु चाहजे; काहाकी हीनी टेम मां ते तुहुं काजे कळी मां सी नीकळीन जाणु पड़तो। 11 बाकुन मारो कह्वणु ज्य छे की कदी कुय भायस कह्वाय, ने छीनाळ्यु, नीते लालच्यु, नीते मुरती पुजण्यु, नीते गाळी देण्यु, नीते दारु पीण्यु, नीते आंदारलो करने वाळु, ती तेरी संगत घुण करे; बाकुन असा माणुस साते रुटा बी घुण खाय।
12 काहाकी मेसे बाहार वाळान नीयाव करने सी काय काम? काय तुहुं माहें वाळान नीयाव नी करु? 13 बाकुन बाहार वाळान नीयाव भगवान करे। हेरेसी हीना पापी काजे आपणे ईचमां सी नीकाळ देवु।
<- 1 कुरींथी 41 कुरींथी 6 ->
Languages