1 तुहुं मारेन तसा चाल-चालो जसु मे मसीन तसु चाल-चालो।
13 तुहुं आपसात वीच्यार करु, काय बायरी काजे उघाल्ले मुणको लीन भगवान सी दुवा करु सुभा देय? 14 काय सभावेन रीत सी बी तुहुं नी जाणु की कदी अदमी लांबला कान्या राखे, ती हेरे वाटे लाजेन वात छे। 15 बाकुन कदी बायरी लांबला कान्या राखे ती हेरे वाटे सुभा देय, काहाकी कान्या हीनी काजे उडणी वाटे देदला छे। 16 बाकुन कदी कुय बी वातेम जखड़ी पड़ने हींडे, ती ज्य जाणी लेय की नी हामरी ने नी भगवानेन मंडळी असी रीती छे।
17 बाकुन ज्य हुकुम आपतु जाय्न, मे तुहुंक नी भुरसु देवाड़तु, हेरेसी की तुंद्रे भेळा हवणे सी भलाय नी, बाकुन नुकसाण हवे। 18 काहाकी पेहल ती मे ज्य सामळो, की जत्यार तुहुं मंडळी मां भेळा हवु ती तुंद्रे मां झगड़ा हवे, ने मे हेरे पर काय-काय भुरसु बी करो। 19 काहाकी कुहरायला बी तुंद्रे मां जरुड़ हवसे, हेरेसी की जे माणसे तुंद्रे मां खरला छे चे देखता हय जाय। 20 अळतेन तुहुं जे एक जागा मां भेळा हवु, ती ज्य मालीकेन खाणो खाणे वाटे नी हय। 21 काहाकी खाणेन टेम मां एक दीसरा सी पेहल आपणो खाणो खाय लेय, हीनी तरा कुय ते भुकलु रवे ने कुय छाकी जाय। 22 काय खाणे पीणे वाटे तुंद्रो घर नी हय? नीते भगवानेन मंडळी काजे कायनी जाणु, ने तींद्रे धड़े नी हय हीनुक सरमाणनु? मे तुंद्रे सी काय कह्वो? काय हीनी वात मां तुंद्री बड़ाय करो? नी मे बड़ाय[c] नी करो।
23 काहाकी जी वात मेसेक मालीक सी जड़ी, ने मे तुहुंक बी बताड़ देदु। की मालीक ईसु तीनीन राते धरायणे वाळु हतलु, तीनीत राते रुटु धर्यु। 24 ने तु बेसकु वारु छे करीन रुटाक तुड़्या ने कह्यु, “जु मारु डील छे, जु तुंद्रे वाटे छे। मारे हेर[d] करने वाटे चत कर्या करु।” 25 ने अळतेन ईसु हाते मां पीयालु धर्यु ने असु कह्यु, “जो पीयालो मारा लुहीन नवलु पीयालु छे। ने जत्यार बी तुहुं पीयालु पीयु, ती मेसेक हेर करने करीन मारेन तसात कर्या करजु।”[e]
26 काहाकी जत्यार कदी तुहुं ज्य रुटु खावु ने हीना कटेरा मां सी पीयु, ती मालीकेन मुत काजे जत्यार लग चु नी आवे, तत्यार लग परचार करता रवु। 27 हेरेसी जे कुय गलत रीत सी मालीकेन रुटु खाय नीते हेरा कटवरा मां सी पीये, चु मालीकेन डीलेन ने लुहीन गुना वाळु रवसे। 28 हेरेसी माणुस आपणे आप काजे पारखी लेय, ने हीनी रीत सी हीना रुटा मां सी खाय ने हीना कटेरा मां सी पीये। 29 काहाकी जे खाय ने पीये घड़ी मालीकेन डील काजे नी उळखे, चु हीना खाण सी ने पीणे सी आपणे उपर डंड लावे। 30 हेरे वजे सी तुंद्रे मां बेसका माणसे लुला ने मांदा छे, ने थुड़ाक मरी बी गुया। 31 कदी हामु आपणे आप काजे पारखजे ती डंड नी जड़तो। 32 बाकुन मालीक हामुक डंड आपीन हामुक झीचकारतु रवसे, हेरेसी की हामु कळी साते गुनाळा नी ठेरजे।
33 हेरेसी, ए मारा भायसे, ने बहणस्या जत्यार तुहुं खाणे वाटे भेळा हवु ती एक दीसरा वाटे ठेर्या करु। 34 कदी कुय भुकलु हसे ती आपणा घर मां खाय लेय, जेरे सी तुंद्रो भेळो हवणे डंडेन वजे नी हवे। रवली वात काजे मे आवीन सय करीस।
<- 1 कुरींथी 101 कुरींथी 12 ->
Languages